चंडीगढ़ : जननायक जनता पार्टी के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) में परिणाम बदलकर 1284 अभ्यर्थियों को पास (game of slip expenditure) किए जाने का मामला पूरी तरह से संदिग्ध है और राज्य सरकार को इसकी जांच सीबीआई से करवानी चाहिए।
दिग्विजय चौटाला ने एक प्रेस वार्ता में अनेक तथ्यों के साथ एचटेट घोटाले को उजागर किया और सरकार की शिक्षा एवं रोजगार व्यवस्था पर अनेक सवाल खड़े किए। साथ ही दिग्विजय चौटाला ने हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल की नई भर्ती के लिए युवाओं को आयु सीमा में कम से कम तीन साल की छूट देने की मांग राज्य सरकार से की। उन्होंने कहा कि सीईटी परीक्षा में देरी के चलते पुलिस की भर्ती की तैयारी में जुटे बहुत सारे युवा आयु सीमा के दायरे से बाहर हो गए है, ऐसे में सरकार को आयु सीमा बढ़ाकर इन युवाओं को पुलिस में भर्ती होने का अवसर प्रदान करना चाहिए।
game of slip expenditure – दिग्विजय चौटाला ने कहा कि बीती 30 और 31 जुलाई 2024 को हुए एचटेट के परिणाम में जिस प्रकार का घोटाला हुआ है, उससे बिना पर्ची और बिना खर्ची का दावा करने वाली सरकार का चेहरा पूरी तरह उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार 1284 अभ्यर्थियों के नाम परिणाम में बाद में शामिल किए गए, उनके लिए ना तो बायोमेट्रिक प्रक्रिया अपनाई गई और न ही सरकार ने इसमें कोई पारदर्शिता रखते हुए इनके नाम उजागर किए। दिग्विजय ने इस प्रकरण को हरियाणा के युवाओं के साथ खिलवाड़ बताते हुए इसे शिक्षा जगत में सबसे बड़ा घोटाला बताया ।
