सीधी जन समस्या निवारण शिविर के दौरान एक बार फिर जनप्रतिनिधियों के वादों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर खुलकर सामने आ गया. बहरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत में आयोजित जन समस्या शिविर में उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब ग्राम छिहरा टोला की निवासी रानी प्रजापति ने खुले मंच से सांसद डॉ. राजेश मिश्रा से सीधे सवाल पूछ लिए.

what happened to electricity and roads – रानी प्रजापति ने कहा “करीब 6 महीने पहले सांसद खुद उनके गांव पहुंचे थे और बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था. लेकिन आज तक ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं.”

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ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. इससे लोगों में भारी नाराजगी है. जन समस्या शिविर के दौरान रानी प्रजापति ने मंच पर अपनी बात रखनी शुरू की. महिला के सवाल से माहौल असहज हो गया. महिला के सवालों पर सीधी सांसद का चेहरा उतर गया. वह महिला को स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए. मौके पर वीडियो बना रहे व्यक्ति को भी उन्होंने डांटते हुए रोकने की कोशिश की.

सांसद और उनके साथियों ने महिला को सभ्यता से बोलने की नसीहत देते हुए बात को वहीं खत्म करने का प्रयास किया. इस घटना के बाद महिला के पति सुरेश प्रजापतिने भी नाराजगी जताई. उन्होंने बताया “उनकी पत्नी गांव की अन्य महिलाओं के साथ अपनी समस्याएं लेकर शिविर में पहुंची थी. उनके गांव में आज भी सड़क, बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं हैं, जिससे लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जब उनकी पत्नी ने अपनी बात रखी तो उसे सुना नहीं गया, बल्कि डांटकर चुप करा दिया गया.”

 

 

 

 

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