सूरजपुर (छत्तीसगढ़): सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र में चलती बस के भीतर बंदूक तानने तथा चालक से मारपीट किए जाने की अत्यंत सनसनीखेज वारदात प्रकाश में आई है।

सूरजपुर पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक निजी बैंक में कार्यरत सुरक्षा गार्ड ने एसईसीएल (SECL) द्वारा अधिग्रहित स्कूल बस में जबरन सवार होने का प्रयास किया और मना करने पर बस चालक के ऊपर अपनी लाइसेंसी बंदूक तान दी। इतना ही नहीं, आरोपी सुरक्षा गार्ड ने ड्राइवर के साथ गाली-गलौज करते हुए जमकर मारपीट भी की, जिससे मौके पर भारी अफ़रा-तफ़री और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया।

😱 बंदूक देखते ही सहम गए बस में सवार यात्री, मदद के लिए मचाने लगे शोर

बस में उपस्थित यात्री और बच्चे इस खौफनाक दृश्य को देखकर बुरी तरह सहम गए और अपनी सुरक्षा के लिए चीखने-चिल्लाने लगे।

सवारियों के मध्य इस बात को लेकर भारी खौफ था कि यदि विवाद के दौरान गार्ड की बंदूक से अचानक गोली चल जाती, तो कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और आरोपी गार्ड के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर वैधानिक जांच प्रारंभ कर दी।

🚌 बिश्रामपुर से अंबिकापुर जा रही थी बस, जबरन चढ़ने से रोकने पर गार्ड ने खोया आपा

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि बिश्रामपुर थाना क्षेत्र में एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित एक बस का संचालन स्कूल बस के रूप में किया जा रहा है।

यह बस बिश्रामपुर से अंबिकापुर मार्ग की ओर जा रही थी। इसी दौरान बिश्रामपुर में तैनात एक निजी बैंक के सुरक्षा गार्ड ने बस में जबरन चढ़ने की कोशिश की। जब बस चालक ने नियम विरुद्ध बाहरी सवारी को बैठाने से मना किया, तो गार्ड उग्र हो गया और जबरदस्ती बस में घुसकर चालक को धमकाने लगा। चालक द्वारा पुनः विरोध जताने पर बौखलाए गार्ड ने अपनी लाइसेंसी बंदूक चालक के ऊपर तान दी और उसके साथ मारपीट की।

🛑 “आरोपी सुरक्षा गार्ड के हथियार का लाइसेंस निरस्त कराया जाएगा”: ASP योगेश कुमार देवांगन

“अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी गार्ड को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत आरोपी के लाइसेंसी हथियार का लाइसेंस निलंबित एवं निरस्त (Cancel) कराने के लिए सक्षम प्राधिकारी को विधिवत प्रतिवेदन प्रेषित किया जाएगा।”

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