नया फोन खरीदने के बाद बहुत से लोगों को मोबाइल से शिकायत होने लगती है कि फोन तो बहुत ही सुस्त यानी धीमा है, गेम खेलते वक्त अटक जाता है और मल्टीटास्किंग करते वक्त हैंग होने लगता है लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? क्यों नए फोन में भी इस तरह की (ram dilemma) दिक्कत आने लगती है? ये सब होता है RAM की वजह से है, मार्केट जाकर बस फोन खरीद लेना काफी नहीं है. फोन खरीदने से पहले ये समझ लेना जरूरी है कि आपको फोन किस काम के लिए चाहिए.

फोन मिलाने-रिसीव करने, व्हाट्सऐप चलाने, सोशल मीडिया (लाइट वर्जन) ऐप्स का इस्तेमाल करने, हल्के ऐप्स चलाने, म्यूजिक सुनने और सामान्य ब्राउजिंग जैसे बेसिक काम के लिए फोन खरीद रहे हैं तो 4GB RAM वाला फोन इन सभी बेसिक काम के लिए पर्याप्त है.

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एक-साथ 5 से 6 ऐप्स, सोशल मीडिया ऐप्स, ईमेल, यूट्यूब, ओटीटी स्ट्रीमिंग और मीडिया ब्राउजिंग करने के लिए फोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो 6GB RAM वाला फोन आपके इन सभी कामों को आसानी से हैंडल कर लेगा. एक साथकई ऐप्स को बैकग्राउंड में चलाने और उनके बीच तेजी से स्विच करने के लिए कम से कम 6 जीबी रैम की जरूरत पड़ती है.

ram dilemma – अगर आप भी एक साथ कई टैब ओपन कर ब्राउजिंग करते हैं, सोशल मीडिया (Instagram और Snapchat), वीडियो एडिटिंग (हल्के ऐप्स), फ़ोटो एडिटिंग (Picsart), नॉर्मल गेमिंग ऐप्स (Subway Surfers और Candy Crush) जैसे काम के लिए फोन खरीद रहे हैं तो 8GB रैम वाला फोन पर्याप्त है.

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