राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से पुलिस विभाग की छवि खराब करने वाला एक मामला सामने आया है। सोमनी थाना परिसर के बैरक में शराब का सेवन करते हुए पाए जाने पर पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक ने अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों को देखते हुए दो प्रधान आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

🥃 क्या था पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, 25 मई 2026 की रात करीब 10 बजे प्रधान आरक्षक हेमंत अनंत और प्रधान आरक्षक भूपेंद्र कोचे थाना परिसर के भीतर स्थित बैरक में शराब पीते हुए पाए गए। एक अनुशासित विभाग के भीतर इस तरह की हरकत को पुलिस प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया। आरोपी पुलिसकर्मियों की पहचान हेमंत अनंत (क्रमांक 149) और भूपेंद्र कोचे (क्रमांक 693) के रूप में हुई है।

⚖️ सख्त विभागीय कार्रवाई के निर्देश

पुलिस अधीक्षक ने दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर रक्षित केंद्र राजनांदगांव संबद्ध कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए नगर पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें सात दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

⚠️ अनुशासन का सख्त संदेश

सरकारी परिसर में इस तरह की गतिविधि करना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर इसे तोड़ने वालों के खिलाफ ऐसी ही कठोर कार्रवाई की जाएगी। निलंबन के बाद अब विभाग इस मामले में विभागीय जांच (Departmental Inquiry) की भी तैयारी कर रहा है, जिसके बाद दोषियों पर और भी सख्त कार्रवाई हो सकती है। यह घटना अन्य पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि वर्दी की गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है।

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