नई दिल्ली/देहरादून: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने उत्तराखंड में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित प्रश्नपत्र लीक (Paper Leak) मामलों को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। बृहस्पतिवार को उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देवभूमि को पेपर लीक का ‘एपिसेंटर’ (मुख्य केंद्र) बना दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि वे युवाओं और अभ्यर्थियों के अधिकारों की आवाज बुलंद करने के लिए 17 जुलाई को देहरादून पहुंच रहे हैं।
‘सिस्टम अपराधियों के रेट से चलता है, काबिलियत से नहीं’
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “उत्तराखंड ही क्यों? क्योंकि देवभूमि को पेपर लीक का एपिसेंटर बना दिया गया है। यहां एक ऐसा ‘सिस्टम’ बैठ गया है, जहां पटवारी, लेखपाल या कोई और पद काबिलियत से नहीं, बल्कि अपराधियों द्वारा तय किए गए रेट से मिलता है।”
‘नकल-विरोधी कानून सिर्फ कागजों तक सीमित’
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त नकल-विरोधी कानून पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने दिखावे के लिए सख्त कानून तो बना दिया, लेकिन इसके बावजूद पेपर लीक की घटनाएं नहीं रुकीं। उन्होंने आरोप लगाया, “कानून सिर्फ कागजों पर ही सिमट कर रह गया है और पेपर आज भी बाजार में सरेआम बिक रहे हैं।”
‘यह महज एक लीक नहीं, युवाओं के भविष्य की चोरी है’
कांग्रेस नेता ने परीक्षार्थियों के लंबे संघर्ष का मार्मिक उल्लेख करते हुए कहा कि एक छात्र वर्षों तक कड़ी तैयारी करता है, महंगे फॉर्म भरता है, फीस देता है और दूर-दराज के सेंटरों तक धक्के खाकर परीक्षा देने जाता है, लेकिन अंत में उसकी मेहनत का पद कोई और पैसे देकर खरीद लेता है। उन्होंने इसे महज एक ‘पेपर लीक’ मानने से इनकार करते हुए इसे ‘चोरी’ करार दिया। राहुल ने कहा, “यह प्रदेश के युवाओं के हक, उनके रोजगार और उनके सुनहरे भविष्य की चोरी है।”
17 जुलाई को देहरादून में होगा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
आगामी 17 जुलाई को देहरादून में होने वाले अपने कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने उत्तराखंड के युवाओं से इस लड़ाई में एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने अपील की, “मैं उत्तराखंड के हर अभ्यर्थी, हर छात्र, हर युवा से कहता हूं, यह आपकी लड़ाई है और मैं इसमें पूरी तरह आपके साथ हूं। आइए ‘छात्रों की गूंज’ को एक बड़ी हुंकार बनाएं। हम युवाओं के भविष्य को नीलाम और उनके सपनों को लीक नहीं होने देंगे।”
क्या है ‘छात्रों की गूंज’ अभियान? ‘छात्रों की गूंज’ (Chatron Ki Goonj) राहुल गांधी द्वारा युवाओं, छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों से सीधा संवाद करने तथा उनके अहम मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के लिए शुरू किया गया एक विशेष अभियान है। इसका मुख्य मकसद पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं की आवाज को मजबूती के साथ बुलंद करना है।


