पश्चिम एशिया के हालात पर पीएम मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअली मीटिंग की, जो कि करीब सवा दो घंटे चली. इस दौरान प्रधानमंत्री ने राज्यों से उनकी तैयारियों के बारे में जानकारी ली. इस बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्री नहीं शामिल हुए, जहां आचार संहिता लागू है और अगले कुछ दिनों में चुनाव होने हैं

बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा मुख्यमंत्रियों में चंद्रबाबू नायडू, विष्णु देव सहाय, रेवंत रेड्डी, योगी आदित्यनाथ, उमर अब्दुल्ला, भगवंत मान, मोहन यादव, हेमंत सोरेन, पुष्कर सिंह धामी, भूपेंद्र पटेल, देवेंद्र फड़णवीस और मोहन चरण मांझी शामिल हुए.

पश्चिम एशिया के हालात बेहद चिंताजनक

बता दें कि पश्चिम एशिया के हालातों को देखते हुए पीएम मोदी लगातार दुनिया के तमाम देशों से बातचीत कर रहे हैं. इस मुद्दे पर वो संसद के दोनों सदनों को भी संबोधित कर चुके हैं. संसद में पीएम ने कहा था कि पश्चिम एशिया के हालात इस समय बेहद चिंताजनक हैं. इस संकट को तीन सप्ताह से अधिक का समय हो गया है. इस संकट से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया जूझ रही है.

दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा असर

पीएम ने कहा था, इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर पड़ रहा है. भारत के लिए यह युद्ध आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय, तीनों स्तरों पर अप्रत्याशित चुनौतियां लेकर आया है. कच्चे तेल और गैस की जरूरतों के साथ-साथ, खाड़ी के देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं. उनकी सुरक्षा भारत सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है.

संकट के समय सरकार ने लिया बड़ा फैसला

इस संकट के समय केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. हालांकि, इससे ईंधन के खुदरा दाम में कोई बदलाव नहीं होगा. कंपनियां इसका उपयोग कच्चे माल की बढ़ी लागत की भरपाई के लिए करेंगी.

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