नई दिल्ली : झारखंड राज्य के जनपद पाकुड़ शहर के राजापाड़ा विषहरीतल्ला निवासी डॉ. इंद्रजीत घोष को आदिम जनजातीय एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के बीच शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं समर्पित कार्य करने के लिए राजधानी में आयोजित एक सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। नर्चर एंड पीस फाउंडेशन द्वारा नई (Dr Inderjit Ghosh was awarded) दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के डिप्टी स्पीकर हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि, जन कल्याण पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। समारोह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान पूर्व लोकसभा सांसद सूरज मंडल, मदर ऑर्गेनिक की संस्थापक रीना भाटिया तथा जन कल्याण संस्था की संस्थापक मोनिका अरोड़ा ने संयुक्त रूप से डॉ. घोष को सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि डॉ. इंद्रजीत घोष ने समाज के सबसे वंचित वर्गों तक पहुंचकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने का सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका यह योगदान समाज में सकारात्मक परिवर्तन का उदाहरण है और अन्य लोगों को भी सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित करता है।

आपको बता दें कि डॉ. इंद्रजीत घोष ने सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने संबोधन में आयोजकों, अतिथियों और सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और इससे उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने आगे कहा कि वह भविष्य में भी आदिवासी एवं जरूरतमंद समुदायों के बीच शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते रहेंगे तथा समाज के सामूहिक सहयोग से ही स्थायी बदलाव संभव हो सकता है।

 Dr Inderjit Ghosh was awarded – मेहनत, समर्पण तथा निरंतर प्रयासों से यह उपलब्धि प्राप्त की है। वह पिछले कई वर्षों से पहाड़िया और आदिवासी बहुल गांवों में सक्रिय रहकर लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक कर रहे हैं तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देकर उन्हें बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके प्रयासों से क्षेत्र में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी है और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता में भी सुधार देखा गया है।

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