सागर : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपना जन्मदिन अलग-अलग जगहों पर अलग अंदाज में मनाया. जन्मदिन पर मोहन यादव वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व भी पहुंचे. यहां उन्होंने बच्चों के बीच जन्मदिन मनाया. किसान के घर पर खटिया पर बैठकर खाना खाया. इसके बाद जंगल सफारी पर निकले. टाइगर रिजर्व की बामनेर नदी में 14 कछुए छोड़े.
दूसरी तरफ टाइगर रिजर्व में हुए बर्थडे सेलिब्रेशन ने विवाद का रूप ले लिया है. वन्य जीव प्रेमियों का कहना है “बर्थडे सेलिब्रेशन के दौरान सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया है. टाइगर रिजर्व एरिया में हैलीपेड बनाया, सारी गाइडलाइंस तोड़ी गई.”
नौरादेही टाइगर रिजर्व में नियम ताक पर
वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हेलीकॉप्टर लैंडिंग करने पर आपत्ति जता शिकायत दर्ज करायी है. उन्होंने नौरादेही टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में भारी हेलीकॉप्टर (AW139) की लैंडिंग और मोटर चालित काफिले के अवैध संचालन के खिलाफ पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) को शिकायत भेजी है.
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन का आरोप
शिकायत में अजय दुबे ने कहा “25 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री और उनके साथ नौरादेही टाइगर रिजर्व पहुंचे भारी भरकम काफिले ने बाघ आरक्षित क्षेत्र के प्रतिबंधित कोर जोन में प्रवेश कर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का स्पष्ट उल्लंघन किया है. नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने टाइगर रिजर्व और उसके इको सेंसटिव जोन में हेलीपैड के निर्माण और उपयोग पर प्रतिबंध है. गाइडलाइन के अनुसार टाइगर रिजर्व के ईको सेंसटिव जोन में साइलेंस जोन बनाने के लिए सरकार को पाबंद किया गया है.
चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन की भूमिका पर सवाल
वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने शिकायत में चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्य वन्यजीव वार्डन (CWLW) शुभ भंरजन सेन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन पर आरोप है “वन्यजीवों के मुख्य संरक्षक होने के नाते उन्होंने इस अवैध गतिविधि को रोकने के बजाय इसे मौन सहमति दी और इसमें शामिल रहे.”
चीता प्रोजेक्ट के लिए खतरे की घंटी बताया
अजय दुबे का कहना है “इस टाइगर रिजर्व में इसी साल चीतों को बसाने की योजना है. ऐसे सेंसेटिव जोन में हाई डेसीबल वाले विमानों और वाहनों की आवाजाही संरक्षण प्रयासों के लिए हानिकारक है.” उन्होंने मांग की है “नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ वन अपराध मामला (POR) दर्ज किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए. टाइगर रिजर्व के कोर एरिया को राजनीतिक तमाशे का मैदान बनाना कानूनन अपराध है.”
नौरादेही प्रबंधन के पास शिकायत का कोई जवाब नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे को लेकर वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे द्वारा वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और एनटीसीए में की गई शिकायत पर नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह से जब ईटीवी भारत ने बात की और शिकायत को लेकर पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा “मुझे अभी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है और मैं अभी मुख्यालय पर मौजूद नहीं हूं, दौरे पर हूं. वापस आने के बाद इस शिकायत को लेकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करूंगा.”
