मध्य प्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग ने कर चोरी, फर्जी बिलिंग और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए एक नई डिजिटल पहल शुरू की है। विभाग ने एक विशेष ‘इन्फार्मेशन मॉड्यूल’ तैयार किया है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अब कर संबंधी अनियमितताओं की जानकारी सीधे और सुरक्षित तरीके से विभाग तक पहुंचा सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम कर अपवंचन (Tax Evasion) को रोकने और राजस्व संग्रहण में वृद्धि करने में क्रांतिकारी साबित होगा।

📊 पारदर्शिता के लिए डैशबोर्ड की सुविधा

इस नई डिजिटल व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबी इसमें शामिल ‘स्पेशल डैशबोर्ड’ है। विभाग द्वारा तैयार नागरिक पोर्टल पर शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति को ट्रैक कर सकेंगे। विभाग शिकायतों का सत्यापन कर उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी डैशबोर्ड पर साझा करेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन गई है।

🔍 कर अपवंचन रोकने में मिलेगा बड़ा सहयोग

उप मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि इस मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य राजस्व बढ़ाना और व्यापारियों में नियमों के प्रति जवाबदेही तय करना है। विभाग का मानना है कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से राज्य में एक निष्पक्ष और पारदर्शी व्यापारिक वातावरण का निर्माण होगा।

📢 नागरिकों से जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग की अपील

वाणिज्यिक कर आयुक्त अनय द्विवेदी ने प्रदेश के नागरिकों से इस डिजिटल मॉड्यूल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिकों द्वारा दी गई सही और सटीक जानकारी से न केवल अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी, बल्कि इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग शासन की जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं में किया जा सकेगा।

संपादकीय टिप्पणी: क्या आपको लगता है कि नागरिकों को ‘कर निगरानी’ में शामिल करने से टैक्स सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म किया जा सकता है? क्या यह व्यवस्था ईमानदारी से व्यापार करने वालों के लिए भी मददगार साबित होगी? अपने विचार नीचे साझा करें।

Share.
Exit mobile version