ऐसी महिलाओं का कहानी बता रहे हैं, जो नौकरी, परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी को एक साथ बखूबी निभा रही हैं. भोपाल में महिला पुलिसकर्मियों की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो मां की ममता और वर्दी के (gun in one hand) फर्ज दोनों को एक साथ बखूबी निभा रही हैं. थाने की जिम्मेदारियों के बीच अपने छोटे बच्चों को संभालती ये महिला आरक्षक हर दिन संघर्ष, समर्पण और जिम्मेदारी की नई मिसाल पेश कर रही हैं.

पुलिस की नौकरी वैसे ही चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, लेकिन जब इसके साथ मां होने की जिम्मेदारी जुड़ जाती है तो हालात और कठिन हो जाते हैं. इसके बावजूद भोपाल की कई महिला पुलिसकर्मी अपने साथ बच्चों को लेकर थाने आती हैं और पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करती हैं.

इसे भी पढ़ें – रेप, हलाला और जबरन धर्मांतरण! इंदौर की छात्रा ने सुनाई 14 साल की आपबीती; मदरसे में रही कैद

gun in one hand – कहीं महिला आरक्षक रिपोर्ट लिखते समय अपने बच्चे पर नजर रखती दिखाई देती हैं, तो कहीं वायरलेस सेट संभालते हुए बच्चे को चुप कराती नजर आती हैं. थाने के भीतर की ये तस्वीरें बताती हैं कि वर्दी के पीछे एक मां का दिल भी धड़कता है.

मां, पुलिस और पत्नी की निभा रहीं जिम्मेदारी

महिला आरक्षक दीप्ति बघेल साल 2018 से पुलिस सेवा में हैं. उनकी साढ़े तीन साल की बेटी लावण्या अक्सर मां के साथ थाने पहुंचती है. पति भी पुलिस विभाग में पदस्थ हैं और परिवार दूसरे शहर में रहता है. ऐसे में बच्ची की देखभाल सबसे बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है. घर का काम, परिवार की देखरेख और फिर घंटों की पुलिस ड्यूटी. दीप्ति हर भूमिका को मजबूती से निभा रही हैं.

Share.
Exit mobile version