चुनाव आयोग के पश्चिम बंगाल में मतदान के ऐलान से पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा ऐलान किया. ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि सरकारी कर्मचारियों के DA का बकाया दिया (Mamata Banerjee’s big masterstroke) जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि DA का बकाया मार्च से मिलेगा. राज्य सरकार ROPA 2009 के अनुसार DA का बकाया देगी.
ममता ने दोपहर 3:05 बजे सोशल मीडिया पर DA के बारे में ऐलान किया. उन्होंने इसमें लिखा, “हमारी मातृ-समाज-जनता की सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों, पेंशनर्स, लाखों टीचर और नॉन-टीचिंग कर्मचारियों, पंचायत-खरीद कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसका पेमेंट करने का वादा किया है. उन्हें ROPA-2009 के अनुसार मार्च 2026 से बकाया DA मिलना शुरू हो जाएगा.”
6 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया था कि राज्य को बकाया मिलाकर 25 परसेंट DA देना होगा और बाकी 75 परसेंट बकाया DA 31 मार्च तक देना होगा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी संग्रामी समिति मंच के कार्यकर्ताओं को शक था कि राज्य सरकार DA देगी भी या नहीं.
Mamata Banerjee’s big masterstroke – इसी बीच, 6 मार्च को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी देकर कहा कि इस समय DA की पहली किस्त का 25 परसेंट देना मुमकिन नहीं है. वजह यह थी कि 2016 से पहले अपॉइंट हुए लोगों की सर्विस बुक ढूंढने में काफी समय लगेगा.
इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने 2026 के अंतरिम बजट में सरकारी कर्मचारियों के DA में और 4 परसेंट की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. इस बढ़ोतरी की वजह से कुल DA 18% से बढ़कर 22% हो गया है. DA में यह प्रपोज़्ड बढ़ोतरी 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी. यहीं से सरकारी कर्मचारियों में कन्फ्यूजन पैदा होता है. हालांकि वकील विकास रंजन भट्टाचार्य का कहना है कि सरकार ने बकाया DA देने का ऐलान किया है.
