हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। पूर्व मंत्री सुभाष सुधा ने जानकारी दी है कि कुरुक्षेत्र बाईपास निर्माण को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा इस परियोजना पर काम जल्द शुरू किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट न केवल कुरुक्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि शहर के भीतर ट्रैफिक की भारी समस्या को भी पूरी तरह खत्म कर देगा।
🏗️ प्रोजेक्ट का स्वरूप और भूमि अधिग्रहण
यह महत्वकांक्षी परियोजना 27.9 किलोमीटर लंबी होगी। इसके लिए कुल 217 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसमें थानेसर उपमंडल के 24 गांव और पिहोवा उपमंडल का 1 गांव, यानी कुल 25 गांव शामिल हैं। यह बाईपास कुरुक्षेत्र के दक्षिणी भाग से होकर गुजरेगा।
📍 बाईपास का रूट मैप
यह मार्ग कुरुक्षेत्र-पिहोवा मार्ग पर ज्योतिसर के पास ‘इंदबरी’ से शुरू होगा और निम्नलिखित प्रमुख मार्गों को जोड़ते हुए आगे बढ़ेगा:
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स्टेट हाईवे नंबर 6
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एमडीआर-119
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किरमच रोड
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अमीन रोड
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नेशनल हाईवे-44 अंततः यह बाईपास गांव ‘मथाना’ (स्टेट हाईवे-6) पर जाकर समाप्त होगा।
🚀 शहर को मिलेंगे चौतरफा लाभ
पूर्व मंत्री सुभाष सुधा ने बताया कि दिल्ली की तरफ जाने वाली गाड़ियों की संख्या काफी अधिक होने के कारण शहर में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस बाईपास के निर्माण से:
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शहर के अंदर भीड़भाड़ में भारी कमी आएगी।
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परिवहन सुगम होगा और समय की बचत होगी।
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शहर के भौगोलिक और औद्योगिक विस्तार के लिए नए रास्ते खुलेंगे। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से कुरुक्षेत्र के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी और यह धार्मिक नगरी अब आधुनिक सड़क नेटवर्क से पूरी तरह लैस हो जाएगी।
संपादकीय टिप्पणी: कुरुक्षेत्र जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में ट्रैफिक का दबाव कम करना समय की मांग है। क्या आपको लगता है कि इस बाईपास के बनने से स्थानीय व्यापार और पर्यटन पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा? अपने विचार नीचे साझा करें।


