खूंटी : पड़हा के राजा और अबुआ झारखंड पार्टी (एजेपी) के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सोमा मुंडा की हत्या के खिलाफ गुरुवार को खूंटी जिला पूरी तरह ठप रहा. सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक आदिवासी समाज के लोगों ने चाईबासा, सिमडेगा और जमशेदपुर मार्ग समेत शहर के सभी प्रमुख रास्तों को जाम कर दिया. इस दौरान (soma munda murder case) पूरे जिले में जीवन-जन्य गतिविधियां थम गईं और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

soma munda murder case – आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने दोपहिया वाहनों तक को रोक दिया और नारेबाजी करते हुए हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की. दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद सोमा मुंडा का शव जुलूस के रूप में भगत सिंह चौक लाया गया, जहां सड़क के बीच शव रखकर प्रदर्शनकारियों ने डीसी और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे.

करीब साढ़े चार बजे खूंटी डीसी आर. रॉनिटा और एसपी मनीष टोप्पो भारी सुरक्षा व्यवस्था में पहुंचे. आदिवासी नेता मार्शल बारला ने भीड़ की ओर से मांग पत्र अधिकारीगण को सौंपा, जिसमें हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को 5 करोड़ मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, उच्चस्तरीय जांच और सोमा मुंडा को ‘शहीद’ का दर्जा देने की थीं. डीसी ने परिजनों से मिलकर सरकार को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया, जिसके बाद भीड़ शांत हुई और जाम हटाया गया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव चलागी ले जाया गया.

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