पुणे: केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। जांच एजेंसियों के पास एक ऐसा एक्सक्लूसिव CCTV फुटेज आया है, जो सीधे तौर पर मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को हत्या से एक दिन पहले एक साथ दिखाता है। यह फुटेज इस मामले में अब सबसे बड़ा सबूत माना जा रहा है।
⏳ एक घंटे की वो मुलाकात, जिसने बदल दी दिशा
जांच के अनुसार, 17 जून की शाम करीब 4:35 बजे सिया और चेतन पुणे के एक कैफे में दाखिल हुए थे। दोनों वहां करीब एक घंटे तक साथ रहे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यही वो समय था, जब केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश को अंतिम रूप दिया गया था। जांच टीम अब इस बैठक में हुई बातचीत के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
📱 डिजिटल साक्ष्यों से खुला ‘लोहागढ़’ का राज
सिर्फ CCTV ही नहीं, पुलिस को सिया गोयल की ‘यूट्यूब सर्च हिस्ट्री’ से भी अहम सुराग मिले हैं। घटना से पहले सिया ने लोहागढ़ किले से जुड़े कई वीडियो देखे थे। पुलिस को संदेह है कि इस स्थान का चयन साजिश के तहत किया गया था। अब जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों का ‘डिजिटल ट्रेल’ तैयार कर रही हैं ताकि साजिश के मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके।
💔 जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं
इस मामले का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि केतन अग्रवाल, सिया के जन्मदिन के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां कर रहा था। 19 जून को आने वाले जन्मदिन के लिए उसने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट में 40-50 कमरे बुक कराए थे। परिजन बताते हैं कि केतन सिया को लेकर बहुत गंभीर था, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस रिश्ते को वह संवारने की कोशिश कर रहा है, उसी के नाम पर उसकी हत्या की पटकथा लिखी जा रही थी।
⚖️ न्याय की आस में परिवार
केतन के पिता विशाल अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे को बुढ़ापे का सहारा माना था, लेकिन उसे भरोसे और रिश्तों के नाम पर धोखा मिला। पुलिस का दावा है कि 18 जून को वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने घटनास्थल की कई बार रेकी भी की थी। अब सभी की निगाहें पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।


