झारखंड के मौसम में एक बार फिर बदलाव के संकेत मिले हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मौसम केंद्र रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 2 जून से 5 जून के बीच राज्य के कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है।
🌀 क्यों बदल रहा है झारखंड का मौसम?
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इसके पीछे कई सक्रिय मौसमी प्रणालियां (Synoptic Systems) जिम्मेदार हैं। मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ क्षेत्र से लेकर तमिलनाडु तक फैली ‘ट्रफ लाइन’ और पाकिस्तान से पश्चिम बंगाल तक गुजरने वाली दूसरी ट्रफ लाइन के कारण झारखंड में नमी बढ़ गई है। इसी वजह से बादलों का डेरा और हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बन रही है।
📅 2 और 3 जून का पूर्वानुमान
राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग ने उत्तर-पूर्वी और मध्य भागों को छोड़कर अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। साथ ही, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। 3 जून को भी स्थिति लगभग ऐसी ही बनी रहेगी।
⛈️ 4 और 5 जून को अलर्ट
राज्य के पूर्वी और मध्य भागों (रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद, देवघर, दुमका, गिरीडीह, गोड्डा, जामताड़ा) में गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा।
🌡️ तापमान पर एक नजर
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अगले 5 दिनों में पलामू में भीषण गर्मी का अनुमान है, जहां तापमान 41 डिग्री तक पहुंच सकता है। प्रमुख जिलों में अनुमानित अधिकतम तापमान:
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चाईबासा: 41 डिग्री
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सिमडेगा, पाकुड़: 40 डिग्री
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बोकारो, धनबाद, दुमका, सरायकेला: 39 डिग्री
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रामगढ़, हजारीबाग: 38 डिग्री
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रांची, खूंटी, गुमला: 37 डिग्री
संपादकीय टिप्पणी: बदलते मौसम में वज्रपात (आकाशीय बिजली) का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में खुले आसमान के नीचे रहने से बचें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। क्या आप भी अपने क्षेत्र में प्री-मानसून की आहट महसूस कर रहे हैं? अपने विचार नीचे साझा करें।


