रांची: झारखंड में आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े अस्पतालों को फर्जी कॉल करके प्रबंधक को धमकाने और पैसे मांगने का मामला सामने आया है. यह मामला झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के पास पहुंचने के बाद सोसाइटी ने योजना से जुड़े सभी अस्पतालों के लिए एक अलर्ट जारी किया है.
झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी तक पहुंचा मामला
आयुष्मान भारत योजना के स्टेट आईईसी कंसल्टेंट राजदेव पांडेय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन द्वारा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को ईमेल कर शिकायत की गई थी, जिसके बाद मामला झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी तक पहुंचा है. इस संबंध में सोसाइटी के द्वारा अस्पताल प्रबंधन से ऐसे किसी भी झांसे में न आने की अपील की गई है.
फर्जी कॉल पर खुद को बताया नोडल ऑफिसर
दरअसल, IEC कंसल्टेंट की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मुंधड़ा हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, चाईबासा के प्रतिनिधि वरुण मुंधड़ा ने शिकायत में बताया है कि 25 मार्च 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे उन्हें एक फोन कॉल आया. फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अजय अग्रवाल बताया और खुद को पीएमजेएवाई का नोडल ऑफिसर बताते हुए कहा कि वह स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के अधीन काम करता है.
मामला मैनेज करने के नाम पर मांगे पैसे
फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि उनके अस्पताल के खिलाफ 256 पेज की शिकायत प्राप्त हुई है, जिसकी जांच के लिए केंद्रीय टीम अस्पताल जाने वाली है. इसके बाद उसने शिकायत की कॉपी दिलाने और मामला मैनेज करने के नाम पर “खर्चा पानी” की मांग की और पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कहा.
ऐसे हुआ अस्पताल प्रबंधन को शक
लेकिन अस्पताल प्रबंधन को मामला संदिग्ध लगने के बाद इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी से की गई. नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी को ईमेल लिखकर जांच और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.
ना आए किसी के झांसे में
वहीं इस संबंध में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने सभी अस्पतालों और आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति अधिकारी बनकर इस तरह का फोन करे, धमकाए या पैसे की मांग करें तो उसके झांसे में नहीं आएं और तुरंत इसकी सूचना तथ्यों के साथ नामकुम स्थित झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी को दें. उन्होंने कहा कि इस तरह के फर्जी कॉल करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पतालों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत निकटतम थाने को देने को कहा है.
