हिसार : गांव किनाला निवासी जीवन कुंडू का मंगलवार को करीब 15 दिन बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरे गांव में मातम पसरा रहा। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में (Jeevan Kundu Murder Case) ग्रामीण, रिश्तेदार, किसान संगठनों के प्रतिनिधि और परिचित शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से जीवन कुंडू को अंतिम विदाई दी।

  गोबर डालने और डेयरी विवाद में 10-12 बदमाशों ने पीट-पीटकर की थी हत्या

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत करीब डेढ़ महीने पहले हुए एक पड़ोसी विवाद से हुई थी:

    • विवाद की पृष्ठभूमि: करीब डेढ़ माह पूर्व जीवन कुंडू का अपने पड़ोसी रमेश से गोबर डालने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद डेयरी में खोर (हौद) बनाने के दौरान दोनों पक्षों में दोबारा झगड़ा हुआ था, जिसमें रमेश पक्ष द्वारा जीवन की पत्नी पर बरछी से हमला करने का आरोप लगा था और पुलिस में केस दर्ज हुआ था।

    • जानलेवा हमला: करीब 15 दिन पहले 10-12 हमलावरों ने लाठी-डंडों से जीवन कुंडू पर हमला कर दिया और पीट-पीटकर उन्हें लहूलुहान कर दिया।

    • अस्पताल में मौत: गंभीर हालत में परिजन और स्थानीय लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 CM नायब सिंह सैनी संग बैठक में 4 प्रमुख मांगों पर बनी सहमति 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ संघर्ष समिति और किसान प्रतिनिधियों की बैठक में सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार का फैसला लिया:

    • STF करेगी जांच: मुख्य आरोपी रमेश अत्री की जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की मौजूदा टीमों के साथ अतिरिक्त टीमें और एसटीएफ (STF) लगाई गई हैं।

    • मुकदमे और वाहन वापसी: 4 अगस्त से 15 अगस्त तक जीवन कुंडू हत्याकांड के विरोध में हुए धरना-प्रदर्शन, टोल जाम और आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे और जब्त वाहन लौटाए जाएंगे।

    • जमानत व रिहाई: हांसी हंगामे में गिरफ्तार सुरेश कोथ सहित 10 किसानों को (Jeevan Kundu Murder Case) कोर्ट से जमानत मिलने के बाद भोंडसी जेल से रिहा कर दिया गया है।

       

 

 

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