पीस डील पर बातचीत के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामनेई ने बड़ा बयान दिया है. फारस की खाड़ी के आजादी दिवस पर जारी बयान में मुज्तबा ने परमाणु को ईरान की पूंजी बताया. मुज्तबा खामनेई ने कहा (Nuclear is our capital) कि शैतान अमेरिका होर्मुज के जरिए हम पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. हम अपनी ताकत किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने परमाणु के साथ-साथ मिसाइल और ड्रोन हथियारों को ईरान की पूंजी करार दिया है.
Nuclear is our capital – मुज्ताबा ने कहा, “देशों के बीच एक कनेक्टिंग पॉइंट होने के अलावा, इसने ओमान सागर के जरिए ग्लोबल इकॉनमी के लिए एक जरूरी और अनोखा रास्ता बनाया है. इस स्ट्रेटेजिक एसेट ने पिछली सदियों में कई ‘शैतानों’ के लालच को जगाया. यूरोपियन और अमेरिकन विदेशियों के बार-बार हमले, जिससे इस इलाके के देशों में असुरक्षा, नुकसान और कई खतरे पैदा हुए हैं. यह पर्शियन गल्फ इलाके के लोगों के खिलाफ दुनिया की घमंडी ताकतों की खतरनाक साज़िशों की बस एक झलक है. इसका सबसे नया उदाहरण महान शैतान (अमेरिका) का ‘तलवार लहराना’ है.
परमाणु हमारी पूंजी, इसकी रक्षा करेंगे
मुज्ताबा ने कहा कि आज ईरानी राष्ट्र ने सिर्फ उन लाखों लोगों को नहीं जगाया है, जो जियोनिज्म और खून के प्यासे अमेरिका के खिलाफ संघर्ष में अपनी जान कुर्बान करने के लिए तैयार हैं. बल्कि इस्लामिक उम्माह एकजुट है, 90 मिलियन बहादुर और नेक ईरानी देशवासी देश के अंदर और बाहर, अपनी पहचान पर आधारित, आध्यात्मिक, मानवीय, वैज्ञानिक और औद्योगिक क्षमताओं के साथ-साथ बुनियादी और आधुनिक टेक्नोलॉजी (नैनो और बायो से लेकर न्यूक्लियर और मिसाइल तक) को अपनी राष्ट्रीय पूंजी मानते हैं. वे इनकी रक्षा वैसे ही करेंगे जैसे वे अपने जल, जमीन और हवाई बॉर्डर की रक्षा करते हैं.
