इंदौर : मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर को आवारा श्वानों (कुत्तों) से मुक्त करने और उनकी आबादी को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम द्वारा वर्ष 2013-14 से लगातार नसबंदी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों का दावा है कि इस अभियान के तहत अब तक शहर में रिकॉर्ड दो लाख 15 हजार से (Indore dog bite cases) ज्यादा श्वानों की नसबंदी सफलतापूर्वक की जा चुकी है। लगभग 40 हजार से ज्यादा ऐसे श्वान और चिन्हित हैं, जिनकी नसबंदी किया जाना अभी बाकी है।

🚨 पिछले एक साल में 60 हजार से ज्यादा लोगों को श्वानों ने काटा

 नगर निगम के लाखों नसबंदी के दावों के बावजूद शहर में श्वानों के काटने (डॉग बाइट) के मामले कम होने के बजाय लगातार ग्राफ ऊपर की ओर बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महज एक वर्ष के भीतर ही इंदौर शहर में 60 हजार से ज्यादा मासूम बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को श्वानों ने अपना शिकार बनाया है और उन्हें काटा है।

🌐  रोजाना 40 से 50 श्वानों के ऑपरेशन का किया जा रहा दावा

बढ़ते मामलों और जन आक्रोश को देखते हुए वर्तमान में इंदौर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत दो अलग-अलग निजी विशेषज्ञ एजेंसियां श्वानों की नसबंदी और एबीसी (Animal Birth Control) कार्यक्रम का काम देख रही हैं। इन एजेंसियों द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों से आवारा कुत्तों को पकड़कर उनके सेंटरों पर रोजाना 40 से 50 श्वानों की (Indore dog bite cases) नसबंदी करने का दावा लिखित में किया जा रहा है।

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