इंदौर: जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत हाल ही में संपन्न मकान गणना ने इंदौर के तीव्र शहरी विकास और विस्तार की स्पष्ट तस्वीर पेश कर दी है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इंदौर नगर निगम सीमा में संभावित जनसंख्या अब 28 लाख के आंकड़े को पार कर गई है। यह वृद्धि वर्ष 2011 की जनगणना की तुलना में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जब शहर की आबादी लगभग 19 लाख थी। पिछले 15 वर्षों के अंतराल में इंदौर की आबादी में नौ लाख से अधिक की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
🏗️ दोगुने हुए मकान और निर्माण: 2011 के मुकाबले विकास की रफ्तार तेज
जनगणना के दौरान मकानों और संरचनाओं की संख्या में भी भारी उछाल देखा गया है। इंदौर नगर निगम सीमा में मकान गणना के लिए कुल 3898 गणना ब्लॉक बनाए गए थे, जिनमें से अब तक 3660 से अधिक ब्लॉकों का कार्य सफलतापूवर्क पूरा किया जा चुका है। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में शहरी सीमा के भीतर 8.08 लाख निर्माण (मकान व अन्य संरचनाएं) चिन्हित किए गए हैं। गौरतलब है कि 2011 की जनगणना में यह संख्या मात्र 3.96 लाख थी, यानी बीते 15 वर्षों में शहर में निर्माण कार्यों की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई है।
📊 प्रशासन की नजर: डेटा संकलन का कार्य अंतिम दौर में
इंदौर प्रशासन इस विस्तृत डेटा का उपयोग भविष्य की बुनियादी सुविधाओं और शहरी नियोजन (Urban Planning) के लिए करेगा। मकान गणना का कार्य लगभग पूरा होने की कगार पर है, जिससे आने वाले समय में शहर के लिए विकास की नई नीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी। यह बढ़ती हुई जनसंख्या और निर्माण कार्य इंदौर के एक प्रमुख मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में उभरने का प्रमाण हैं।


