जोहो के मालिक श्रीधर वेम्बू एक बार फिर से चर्चा में है. इस बार उनके तलाक को लेकर खबर आई है. अमेरिकी कोर्ट में इसका केस चल रहा है. अगर ये तलाक होता है और कोर्ट ऑर्डर फॉलो होते हैं तो इसे भारत के सबसे महंगे तलाकों में से एक हो सकता है. जोहो के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बू को अमेरिका की एक (India’s most expensive divorce) अदालत ने चल रहे तलाक के मामले में 1.7 अरब डॉलर यानी 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के बॉन्ड जमा करने का निर्देश दिया है.

द न्यूज मिनट की रिपोर्ट के अनुसार कैलिफोर्निया की सुपीरियर कोर्ट द्वारा पारित आदेश में कहा गया है कि इस मामले के रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि याचिकाकर्ता (श्रीधर) ने सामुदायिक संपत्तियों में प्रतिवादी (प्रमिला) के हितों की अनदेखी की है और कानून का उल्लंघन किया है, और ज़ोहो कॉर्पोरेशन, टी एंड वी होल्डिंग्स, इंक., टोनी थॉमस, जेडसीपीएल और संबंधित संस्थाएं याचिकाकर्ता के निर्देश पर याचिकाकर्ता के हितों को आगे बढ़ाने और प्रतिवादी के हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए काम करेंगी.

श्रीनिवासन ने नवंबर 2024 में अपने आवेदन में दावा किया था कि वेम्बू ने चुपके से अमेरिका स्थित जोहो कॉर्पोरेशन (जो चेन्नई स्थित ज़ोहो कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड (ZCPL) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है) में अपने शेयरों का एक बड़ा हिस्सा श्रीधर के लंबे समय के सहयोगी के स्वामित्व वाली एक इकाई को ट्रांसफर कर दिया था. यह ट्रांजेक्शन तीन फेज में किया गया था.

India’s most expensive divorce – प्रमिला ने द न्यूज मिनट की रिपोर्ट में कहा कि मैंने अपनी इनकम से श्रीधर का समर्थन किया ताकि वह अपनी नौकरी छोड़ सकें और बिजनेस पर फोकस कर सके. मुझे यह जानकर गहरा सदमा लगा कि तलाक के लिए अर्जी देने के बाद ही मुझे पता चला कि उन्होंने दावा किया है कि जिस कंपनी को उन्होंने हमारी शादी के दौरान बनाया था, उसमें उनकी हिस्सेदारी केवल 5 फीसदी है, और उनके भाई-बहनों के पास कंपनी की बहुमत हिस्सेदारी है.

Share.
Exit mobile version