उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक पीड़ित को प्रॉपर्टी डीलर से अपने 10 लाख रुपये वापस मांगना भारी पड़ गया। आरोप है कि बारादरी थाने में तैनात चार पुलिसकर्मियों ने पीड़ित सोमवीर कश्यप को उठाकर थाने के एक निजी क्वार्टर में दो दिन तक (Bareilly Crime News) बंधक बनाए रखा और रिहाई के एवज में उसके परिवार से 50 हजार रुपये की फिरौती वसूल की।

Bareilly Crime News – पीड़ित सोमवीर कश्यप ने बताया कि उनकी मुलाकात प्रॉपर्टी डीलर प्रेम बाबू यादव से हुई थी। 12 मई को एग्रीमेंट के बहाने डीलर ने उन्हें अपने ढाबे पर बुलाया और रास्ते में जबरन उनके पास से 10 लाख रुपये से भरा बैग छीन लिया। डीलर के फरार होने के बाद सोमवीर जब उसकी तलाश करने लगे और रोज उसके ढाबे पर जाने लगे, तो प्रॉपर्टी डीलर ने रसूख का इस्तेमाल कर पुलिस को अपने पक्ष में कर लिया।

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सोमवीर का आरोप है कि 14 मई को चार पुलिसकर्मी (दो वर्दी में और दो सादे कपड़ों में) ढाबे पर पहुंचे और उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर बारादरी थाने ले गए। वहां उन्हें एक निजी क्वार्टर में बंद कर दिया गया। सोमवीर के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उन्हें 10 लाख रुपये का मामला भूल जाने की धमकी दी और रिहाई के बदले परिजनों से 50 हजार रुपये मंगवाए।

  एसएसपी की बड़ी कार्रवाई: भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं

रिहा होने के बाद पीड़ित ने सीधे एसएसपी अनुराग आर्य से मिलकर पूरे घटनाक्रम की शिकायत की। एसएसपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में कांस्टेबल आशीष मिश्रा, राहुल कुमार, आरक्षी सिद्धांत चौधरी और आदित्य प्रताप सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

 

 

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