पलामू (झारखंड): पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत मतुली गांव से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मटुली गांव में एक कलयुगी बेटे ने घरेलू विवाद के चलते अपने ही पिता की निर्मम हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को घने जंगल में फेंक दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पांकी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मतुली के जंगल से मृतक का शव बरामद कर लिया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
⚔️ घरेलू विवाद में धारदार हथियार से किया हमला, सबूत मिटाने की रची साजिश
पुलिस से प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मतुली गांव निवासी जगतपाल सिंह और उनके बेटे संटू सिंह के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक और विवाद हुआ था।
विवाद इतना बढ़ गया कि आक्रोशित बेटे संटू सिंह ने धारदार हथियार से प्रहार कर अपने पिता जगतपाल सिंह की मौके पर ही हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटे ने कानूनी कार्रवाई और सजा से बचने के लिए सबूत मिटाने की नीयत से पिता के शव को मतुली जंगल में ले जाकर छिपा दिया।
🌲 पुलिस का सघन सर्च ऑपरेशन: घंटों की मशक्कत के बाद जंगल से बरामद हुआ शव
घटना की सूचना मिलते ही पांकी थाना पुलिस हरकत में आई और पुलिस बल के साथ मतुली के जंगलों में सघन सर्च अभियान शुरू किया गया।
कई घंटों तक चले तलाशी अभियान के बाद पुलिस टीम ने जंगल के भीतर छिपाकर रखे गए शव को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी बेटा शव को जंगल में इसलिए छिपाकर रखे हुए था ताकि वह मौका पाकर रात के अंधेरे में चुपके से उसका अंतिम संस्कार कर सके और किसी को कानो-कान खबर न हो।
👮♂️ आरोपी बेटा फरार, गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी
पांकी थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बेटे द्वारा अपने पिता की धारदार हथियार से हत्या करने और शव को जंगल में छिपाने की बात सामने आई है।
थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वारदात के बाद से ही आरोपी बेटा संटू सिंह मौके से फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्याकांड के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा।


