तपती गर्मी के बीच इन दिनों हरियाणा की राजनीति में भी पूरी तरह से गर्माहट बनी हुई है। शुक्रवार को जहां लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की यात्रा में पहुंचे थे तो वहीं नगर निगम के चुनावों को लेकर शह-मात का खेल रहा। इन सबके बीच पिछले माह में भाजपा की राज्यसभा की सदस्य रेखा शर्मा की ओर से (politics heated up) पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भजनलाल व उनके बड़े बेटे चंद्रमोहन बिश्नोई पर की गई टिप्पणी के बाद जहां चौ. भजनलाल के बेटे चंद्रमोहन बिश्नोई उन्हें कानूनी नोटिस भेज चुके हैं, तो छोटे बेटे कुलदीप बिश्नोई भी लगातार पलटवार कर रहे हैं।

🏛️ भजनलाल परिवार का मजबूत राजनीतिक इतिहास

गौरतलब है कि चौ. भजनलाल 9 बार आदमपुर से विधायक रहने के अलावा 3 बार प्रदेश के मुख्यमंत्री, 3 बार लोकसभा के सदस्य एवं 2 बार केंद्र में मंत्री रहे हैं। इसी तरह से चंद्रमोहन बिश्नोई 4 बार कालका से विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में वह पंचकूला से कांग्रेस के विधायक हैं। ऐसे ही कुलदीप बिश्नोई 4 बार आदमपुर से विधायक रहने के अलावा एक बार हिसार से जबकि एक बार भिवानी से सांसद रह चुके हैं। कुलदीप बिश्नोई इस समय विदेश में हैं और वह अगले सप्ताह भारत वापस आएंगे।

🤔 कुलदीप बिश्नोई का अगला कदम क्या होगा?

कुलदीप बिश्नोई का हरियाणा व राजस्थान के साथ पंजाब के भी कुछ क्षेत्रों में प्रभाव माना जाता है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उछल रहा है कि कुलदीप बिश्नोई का अगला कदम क्या होगा? अगर कुलदीप बिश्नोई भाजपा से अलग राह चुनते हैं तो इसका असर केवल आदमपुर या हिसार तक सीमित नहीं रहेगा। हरियाणा (politics heated up) की राजनीति में अक्सर चुनाव 2 से 5 प्रतिशत वोट के अंतर से तय होते हैं। ऐसे में यदि भजनलाल व कुलदीप समर्थक वोट बैंक भाजपा से दूर होता है तो कई सीटों पर सीधा नुकसान संभव माना जा रहा है।

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