हरियाणा के किसानों की मेहनत और उन्नत तकनीक का डंका अब अफ्रीका महाद्वीप में भी बजेगा। हरियाणा सरकार ने केन्या और तंजानिया जैसे पूर्वी अफ्रीकी देशों के साथ कृषि क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इस योजना के तहत हरियाणा के प्रगतिशील किसानों को इन देशों में बड़े पैमाने पर खेती करने के लिए जमीन, संसाधन और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जाएगा।

अफ्रीका के इन देशों में खेती के लिए विशाल और उपजाऊ भूमि उपलब्ध है, लेकिन वहां आधुनिक तकनीक और कुशल श्रम की कमी है। वहीं, हरियाणा के किसान धान, गेहूं, मक्का और बागवानी में विश्व स्तर पर अपनी कुशलता सिद्ध कर चुके हैं। इन देशों में हजारों एकड़ जमीन लीज (Lease) पर उपलब्ध कराई जा सकती है। यहां की जलवायु कई भारतीय फसलों के लिए उपयुक्त है।

हरियाणा सरकार इस पूरी प्रक्रिया में ‘फैसिलिटेटर’ (सुविधा प्रदाता) की भूमिका निभाएगी।दोनों देशों की सरकारों के साथ आधिकारिक समझौता किया जाएगा ताकि किसानों के अधिकारों की रक्षा हो सके।किसानों को वहां की मिट्टी और वातावरण के हिसाब से बीज और खाद के चयन में मदद दी जाएगी। वहां उगाई गई फसलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने के लिए सप्लाई चेन विकसित की जाएगी।

हरियाणा में जोत (जमीन का आकार) लगातार छोटी हो रही है। ऐसे में अफ्रीका में बड़े फार्म्स (Big Farms) पर खेती करने से किसानों की आय में कई गुना वृद्धि होगी। साथ ही, इससे भारत और अफ्रीकी देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध भी मजबूत होंगे।

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