सिरसा/रोहतक: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर पैरोल मिली है। साध्वियों के रेप मामले में सजा काट रहे राम रहीम को इस बार 30 दिनों के लिए अस्थायी रिहाई दी गई है। सुबह करीब 7 बजे भारी सुरक्षा के बीच उसे रोहतक की सुनारिया जेल से सिरसा आश्रम के लिए रवाना किया गया। इस वर्ष यह उनकी दूसरी पैरोल है। आंकड़ों पर नजर डालें, तो राम रहीम अब तक कुल 16 बार पैरोल या फरलो का लाभ ले चुके हैं। अपनी कुल 3,193 दिनों की सजा की अवधि में वे लगभग 406 दिन जेल से बाहर बिता चुके हैं।
⚖️ सजा और बरी होने का सफर: मर्डर केस में मिली राहत, रेप केस में कायम है सजा
गुरमीत राम रहीम 2017 में विशेष सीबीआई कोर्ट द्वारा दो साध्वियों के रेप केस में दोषी ठहराए जाने के बाद 20 साल की सजा काट रहे हैं। इसके अलावा उन्हें पत्रकार राम चंदर छत्रपति और डेरा मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या के मामलों में भी दोषी ठहराया गया था। हालांकि, वर्ष 2024 और 2026 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने उन्हें रंजीत सिंह और छत्रपति मर्डर केस में बरी कर दिया है। वर्तमान में रेप मामले की सजा के चलते वे जेल में हैं।
🗓️ पैरोल का गणित: ‘हरियाणा गुड कंडक्ट एक्ट’ के तहत पूरा हुआ 10 हफ्ते का कोटा
30 दिन की इस पैरोल के साथ ही डेरा प्रमुख ने ‘हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स (टेम्पररी रिलीज) एक्ट, 2022’ के तहत वर्ष 2026 के लिए अपने 10 हफ्ते के पैरोल समय का कोटा पूरा कर लिया है। इससे पूर्व उन्हें जनवरी में 40 दिनों की पैरोल दी गई थी। कानून के अनुसार, कोई भी कैदी एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 10 हफ्ते की पैरोल लेने का हकदार है, जिसे दो हिस्सों में लिया जा सकता है।
🔓 क्या आगे भी मिल सकती है रिहाई? फरलो का विकल्प अभी बाकी
नियमों के तहत, यह कानून कैदियों को 10 हफ्ते की पैरोल के अलावा तीन हफ्ते की ‘फरलो’ (अस्थायी रिहाई) लेने की भी इजाजत देता है। गौर करने वाली बात यह है कि फरलो की रिहाई को टुकड़ों में नहीं लिया जा सकता। डेरा प्रमुख के पास इस वर्ष अभी भी तीन हफ्ते की फरलो लेने का कानूनी विकल्प सुरक्षित है, जिसका लाभ वे आने वाले समय में उठा सकते हैं।


