मनोरंजन / बॉलीवुड: बॉलीवुड में जब भी कोई एक्टर सुपरस्टार बनता है या अपनी बेहतरीन एक्टिंग से नेशनल अवॉर्ड अपने नाम करता है, तो लोग अक्सर उसकी किस्मत और हुनर की जमकर तारीफ करते हैं।
लेकिन कैमरे की इस चमचमाती और ग्लैमरस दुनिया के पीछे एक और कड़वा-मीठा सच छिपा होता है—वो है एक सच्चे गुरु का कुशल मार्गदर्शन! फिर चाहे थिएटर में डायलॉग डिलीवरी की बारीकियाँ सीखना हो, सेट पर घंटों घुटनों के बल बैठकर काम का कड़ा अनुशासन समझना हो या फिर जिम में पसीना बहाकर पर्दे के लिए खुद को ट्रांसफॉर्म करना हो, बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों की इस अपार सफलता के पीछे उनके गुरुओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है। गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर आइए जानते हैं हिंदी सिनेमा के कुछ मशहूर चेहरों के ऐसे ही महान गुरुओं के बारे में:
🎭 1. शाहरुख खान और बैरी जॉन: जब ‘TAG’ में पहचान में आया किंग खान का हुनर
दिल्ली के ‘थिएटर एक्शन ग्रुप’ (TAG) के दिनों में अगर बैरी जॉन ने शाहरुख खान की छिपी हुई असीम प्रतिभा को नहीं पहचाना होता, तो शायद दुनिया को आज उनका ‘किंग खान’ नहीं मिलता।
बैरी जॉन ने ही शाहरुख की संवाद अदायगी, बॉडी लैंग्वेज और एक्सप्रेशन्स को तराशा था। उन्होंने ही सबसे पहले यह भांप लिया था कि शाहरुख सिर्फ थिएटर तक सीमित रहने के लिए नहीं, बल्कि बड़े पर्दे (बॉलीवुड) पर राज करने के लिए बने हैं।
💔 2. मनोज वाजपेयी और बैरी जॉन: जब टूट चुकी थी उम्मीद, तब मिला बैरी जॉन का सहारा
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा – NSD) से लगातार तीन बार रिजेक्ट होने के बाद मनोज वाजपेयी पूरी तरह टूट चुके थे और गहरे डिप्रेशन में थे।
तब मशहूर अभिनेता रघुवीर यादव उन्हें बैरी जॉन के एक्टिंग वर्कशॉप में ले गए। बैरी जॉन ने मनोज के भीतर छिपे अद्भुत हुनर को पहचाना और उन्हें निखारा। मनोज वाजपेयी आज भी गर्व से कहते हैं कि बैरी जॉन ने ही उन्हें सिखाया कि पर्दे पर सबसे सहज और स्वाभाविक अभिनय कैसे किया जाता है।
🎬 3. रणबीर कपूर और संजय लीला भंसाली: स्टार किड होने के बावजूद सेट पर झेली सख्ती
ऋषि कपूर के बेटे होने के बावजूद रणबीर कपूर को बॉलीवुड में सीधी और आसान एंट्री नहीं मिली।
उन्होंने संजय लीला भंसाली की आइकॉनिक फिल्म ‘ब्लैक’ (2005) में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर (AD) काम किया। भंसाली के सख्त अनुशासन, डांट और छोटी-छोटी बारीकियों पर ध्यान देने की आदत ने रणबीर के भीतर के कलाकार को तराशा। इसके बाद ही भंसाली ने रणबीर के हुनर पर भरोसा जताते हुए उन्हें फिल्म ‘सांवरिया’ (2007) से बॉलीवुड में भव्य रूप से लॉन्च किया।
🏋️ 4. ऋतिक रोशन और सलमान खान: ‘कहो ना… प्यार है’ से पहले ‘भाईजान’ ने दिलाई आइकॉनिक बॉडी
भले ही ऋतिक रोशन को उनके पिता राकेश रोशन ने ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कहो ना… प्यार है’ से लॉन्च किया था, लेकिन ऋतिक की उस ड्रीम बॉडी और फिटनेस के पीछे ‘भाईजान’ यानी सलमान खान का हाथ था।
ऋतिक खुद बताते हैं कि अपनी पहली फिल्म की शूटिंग शुरू करने से पहले उन्होंने सलमान खान की पर्सनल गाइडेंस और देखरेख में महीनों सख्त जिम ट्रेनिंग और टफ फिटनेस रूटीन फॉलो किया था।
🕺 5. टाइगर श्रॉफ और ऋतिक रोशन: मेंटर को गुरु मानकर ही बनाया अपना करियर
टाइगर श्रॉफ ने शुरुआत से ही ऋतिक रोशन को अपना आदर्श, रोल मॉडल और मेंटर माना है।
डांस स्टाइल से लेकर खतरनाक एक्शन सीन्स तक, टाइगर ने ऋतिक के हर कदम को फॉलो किया। जब फिल्म ‘वॉर’ (WAR) में दोनों स्टार्स एक साथ स्क्रीन पर आए, तो टाइगर के लिए यह अपने गुरु के साथ काम करने जैसा एक सपना सच होने जैसा था। ऋतिक के 45वें जन्मदिन पर टाइगर ने ‘एक पल का जीना’ गाने के स्टेप्स रिक्रिएट करके उन्हें अनोखा ट्रिब्यूट दिया था।
👧 6. आलिया भट्ट और करण जौहर: ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से लेकर हर स्क्रिप्ट तक का मार्गदर्शन
वर्ष 2012 में फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से आलिया भट्ट को बॉलीवुड में लॉन्च करने वाले करण जौहर आज भी उनके करियर के सबसे बड़े मेंटर और गाइड हैं।
आलिया कई बार सार्वजनिक मंचों पर स्वीकार कर चुकी हैं कि करण उनके लिए एक गॉडफादर और पिता की तरह हैं, जो हर स्क्रिप्ट के चयन और प्रोफेशनल फैसले में उनका सटीक मार्गदर्शन करते हैं।
🎭 7. गोविंद नामदेव और दिलीप कुमार: लेजेंडरी एक्टर दिलीप साहब से ली एक्टिंग की प्रेरणा
NSD के पूर्व छात्र रहे वरिष्ठ अभिनेता गोविंद नामदेव बॉलीवुड के लेजेंडरी एक्टर दिलीप कुमार (दिलीप साहब) को अपना सबसे बड़ा रोल मॉडल और मानसी गुरु मानते हैं।
नामदेव के मुताबिक, जब भी वे किसी बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण किरदार की तैयारी करते हैं, तो वे दिलीप कुमार की नेचुरल एक्टिंग स्टाइल और डायलॉग डिलीवरी की गहराई से प्रेरणा और सीख लेते हैं।


