धमतरी: मोहंदी वन परिक्षेत्र में पदस्थ डिप्टी रेंजर पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों का दावा है कि डिप्टी रेंजर की मिलीभगत से क्षेत्र में अवैध मुरुम खनन कराया गया और करीब एक हजार पेड़ों की बिना अनुमति कटाई कर दी गई.

डिप्टी रेंजर पर ग्रामीणों का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगभग 75 एकड़ घास एवं आबादी भूमि स्थित है, जो राजस्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है. आरोप है कि वन परिक्षेत्र मोहंदी के डिप्टी रेंजर द्वारा बिना ग्राम पंचायत, राजस्व विभाग या ग्रामीणों को सूचना दिए क्षेत्र में सड़क निर्माण कराया गया. इसके लिए बड़े पैमाने पर मुरुम की खुदाई की गई और भारी मशीनों का उपयोग कर भूमि को समतल किया गया.

ग्रामीणों का कहना है कि इस दौरान एक हजार पेड़ों की अवैध रूप से कटाई कर दी गई, जिससे पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरे कार्य के लिए किसी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति या सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की गई.

जंगल की 75 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से पेड़ कटाई की गई. कम से कम 1000 पेड़ काटे गए. 75 एकड़ जमीन में मुरुम खुदाई की गई. जानवरों को चराने में काफी मुश्किल हो रही है- नेतराम साहू, ग्रामीण

मुरुम खुदाई का भी आरोप

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि संबंधित भूमि के चारों ओर लगभग 5 फीट गहरी और 5 फीट चौड़ी खुदाई कर दी गई है, जिसके कारण गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो गया है. पशुओं के चराई मार्ग भी प्रभावित हुए हैं और खेतों तक पहुंचने में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

डराने धमकाने और प्रताड़ित करने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने इस कार्य का विरोध किया तो वन भूमि का हवाला देकर उन्हें डराया-धमकाया गया और प्रताड़ित किया गया. इससे गांव में आक्रोश का माहौल बना हुआ है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम से जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए.

ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर की शिकायत

मामले को लेकर मगरलोड ब्लॉक के ग्राम सोनपैरी के ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

वहीं प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अपर कलेक्टर पवन कुमार प्रेमी ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद पूरे प्रकरण की जांच के लिए डीएफओ धमतरी को पत्र भेज दिया गया है. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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