नई दिल्ली : सनातन धर्म को लेकर देश में पहले ही आए दिन (Fight Over Sanatan) टीका टिप्पणियां की जा रही थीं लेकिन डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन और ए राजा की सनातन धर्म पर टिप्पणी ने आग में घी डालने का काम किया है। सोशल मीडिया पर इन नेताओं ने टिप्पणी की है कि सनातन धर्म को समाप्त कर देना चाहिए, जिससे देश के सामान्य लोग भी आहत दिख रहे हैं। देश के विभिन्न कोने में सनातन धर्म पर टिप्पणी के विरोध में इन दिनों विशेषकर दक्षिण भारतीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं। शहर में वांटेड उदयनिधि का पोस्टर लगा रहे हैं तो कहीं पुतलों की अर्थी निकाली जा रही है। संत समाज आग बबूला हो गया।
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I.N.D.I.A. के घटक दलों के सनातन धर्म पर इस रुख को देखते हुए केंद्र सरकार के मंत्री मुखर हो उठे हैं। कुछ समय पहले शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी का एक वीडियो सामने आया है। उन्होंने कहा है कि भारत के सनातन धर्म, धर्म और संस्कृति के बारे में ऐसी भाषा में बात करने वालों को शर्म आनी चाहिए। देश और सभी भारतीय इस तरह के बयानों से निराश हैं और उन्हें देश की जनता के सामने जवाब देना होगा।
Fight Over Sanatan – केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि घमंडिया गठबंधन नफरत का समान बेच रहा है। अंग्रेज और मुगल आकर चले गए। सनातन है, सनातन था और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म पर टिप्पणी पर घमंडिया गठबंधन के नेताओं को माफी मांगनी चाहिए। इन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान घमंडिया गठबंधन को सद्बुद्धि दें ताकि वे इतने निचले स्तर पर गिरकर सनातन धर्म पर टिप्पणी ना करें।
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केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर एयरपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, I.N.D.I.A. गठबंधन जिस तरीके से सनातन धर्म पर टीका टिप्पणी कर रहा है, यह अनुचित है। इसकी जितनी भी हम निंदा करें कम है। सिंधिया ने कहा कि I.N.D.I.A. गठबंधन 28 दलों का गुट है, जो देश को विनाश के पथ पर ले जाना चाहता है। सनातन धर्म को नष्ट करना चाहता है। भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण को बढ़ावा देना चाहता है। इसका यही असली चेहरा है।
