कवर्धा : कबीरधाम (कवर्धा) जिले की पुलिस ने जाली नोट बनाने और उन्हें स्थानीय बाजारों में खपाने वाले एक खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना बोड़ला, चौकी पोंडी और (fake currency gang busted) जिला साइबर सेल की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा अंजाम दी गई है।
₹12.50 लाख की फेक करेंसी, कलर प्रिंटर और टाटा पंच EV कार बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल ₹12 लाख 50 हजार रुपये मूल्य के नकली भारतीय नोट, हाई-टेक कलर प्रिंटर, स्कैनर, कई मोबाइल फोन तथा एक नई टाटा पंच ई-वी (Tata Punch EV) कार बरामद की है। कवर्धा पुलिस अधीक्षक (SP) जितेंद्र कुमार यादव ने मामले का आधिकारिक खुलासा करते हुए बताया कि, “3.75 लाख रुपये की पुरानी उधारी चुकाने के नाम पर जाली नोटों की डिलीवरी किए जाने की लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और इस बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ।”
किराए के मकान में चल रही थी नकली नोटों की मिनी फैक्ट्री
कड़ाई से की गई पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जुलाई 2026 से कवर्धा शहर के नए बस स्टैंड के समीप एक किराए का कमरा लेकर रह रहे थे। वे इसी कमरे में स्कैनर और कलर प्रिंटर की मदद से उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोट तैयार कर रहे थे। इसके उपरांत इन जाली नोटों को अलग-अलग माध्यमों से हाट-बाजारों (fake currency gang busted) और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खपाया जा रहा था। पुलिस ने मामले में आरोपी सतीश कुमार, रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम को गिरफ्तार कर लिया है।
