लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सिंबल और नाम को लेकर आए चुनाव आयोग के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि शिवसेना और एनसीपी के बाद अब टीएमसी के मामले में भी एक ही पैटर्न दोहराया जा रहा है, जहाँ बीजेपी (name and symbol freezes) और चुनाव आयोग मिलकर पहले राजनीतिक दलों को तोड़ते हैं और फिर उनका चुनाव चिन्ह छीन लेते हैं.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी में पड़ी फूट और विधायकों के अलग गुट बनाने के बाद विवाद चुनाव आयोग तक पहुँचा था. चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर को होने वाले रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर एक अंतरिम व्यवस्था लागू करते हुए ममता बनर्जी और अरूप रॉय दोनों ही गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल-घास’ वाले आरक्षित चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया है.
name and symbol freezes – आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को निर्देश दिया है कि वे अपने लिए तीन नए संभावित नाम और मुक्त चुनाव चिन्हों की सूची क्रम में सौंपें, ताकि उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों को सिंबल आवंटित किया जा सके. इस पूरी राजनीतिक उठा पटक पर बोलते हुए राहुल गांधी ने इसे सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं बल्कि देश के हर मतदाता की स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की लड़ाई करार दिया है.
