केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कोलकाता जोनल ऑफिस ने अवैध रेत खनन और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ED ने अरुण सराफ, उनकी कंपनी जीडी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड (surgical strike on sand mafia) और उससे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA, 2002) के तहत अभियोजन शिकायत 3 जनवरी को कोलकाता की स्पेशल कोर्ट में दाखिल की है.

इसके अलावा जांच एजेंसी ने 2 जनवरी को 149 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर दिया है, जिनकी कुल कीमत करीब 8.26 करोड़ रुपये बताई जा रही है. ये संपत्तियां जीडी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड और उसकी अन्य ग्रुप कंपनियों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं.

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ईडी ने यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से दर्ज की गई कई FIR के आधार पर शुरू की थी. इन FIR में रेत की चोरी, अवैध खनन, अवैध भंडारण और परिवहन के आरोप थे. आरोप यह भी है कि रेत की ढुलाई के लिए फर्जी और जाली ई-चालान का इस्तेमाल किया जा रहा था.

surgical strike on sand mafia – ED की जांच में यह बात सामने आई है कि अरुण सराफ के नेतृत्व में जीडी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड ने बड़े पैमाने पर रेत की चोरी और अवैध बिक्री की. एक ही चालान पर कई बार ट्रिप करना, फेक ई-चालान बनाना और अवैध तरीके से रेत का भंडारण तथा बिक्री करना कंपनी के इस पूरे खेल का हिस्सा था. इन गतिविधियों से करोड़ों रुपये की अवैध कमाई यानी प्रोसीड्स ऑफ क्राइम (PoC) अर्जित की गई.

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