दिल्ली नगर निगम में विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं को सीधे धरातल तक पहुंचाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है. अब दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) आयुक्त के (bumper increase in power) वित्तीय अधिकारों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है. इस निर्णय के तहत अब आयुक्त अपने स्तर पर ही 50 करोड़ रुपये तक की योजनाओं और कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर सकेंगे.
दिल्ली सरकार का मानना है कि इससे न केवल निर्णय-प्रक्रिया तेज होगी बल्कि बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर जनता को शीघ्र लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा. सरकार का यह कदम सुशासन, विकास और जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
bumper increase in power – गौरतलब है कि फिलहाल दिल्ली नगर निगम आयुक्त को केवल 5 करोड़ रुपये तक की योजनाओं और कार्यों को स्वीकृत करने का ही अधिकार प्राप्त था, जबकि इससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं को अनुमोदन के लिए पहले निगम की स्थायी समिति से पारित कराना पड़ता था. इसके बाद निगम के सदन से अंतिम मंजूरी लेनी होती थी. इस बहुस्तरीय प्रक्रिया के कारण अनेक विकास कार्यों को अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ता था.
