मानसून के मद्देनज़र दिल्ली में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज़ कर दिया है. शहर के प्रमुख नालों की डी-सिल्टिंग का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और विभाग अब (work of cleaning completed) तक अपने कुल लक्ष्य का 57% से अधिक पूरा कर चुका है. इसका उद्देश्य हर साल होने वाली जलभराव और शहरी बाढ़ की समस्या को न्यूनतम करना है.

 work of cleaning completed – आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 76 नालों पर चल रहे डी-सिल्टिंग कार्य में अब तक 57.68% प्रगति हासिल की गई है. कुल 28.57 लाख घन मीटर सिल्ट हटाने के लक्ष्य के मुकाबले 16.48 लाख घन मीटर से अधिक सिल्ट हटाया जा चुका है.

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76% से अधिक काम पूरा

महत्वपूर्ण नालों पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. 21 प्राथमिकता वाले नालों में 76% से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ये क्षेत्र मानसून से पहले लगभग तैयार हो जाएंगे. वहीं, दिल्ली के सबसे संवेदनशील जलभराव क्षेत्रों में शामिल नजफगढ़ ड्रेन सिस्टम में लगभग 48% काम पूरा हो चुका है. इसके अलावा बाकी 55 नालों पर भी कार्य 63% से अधिक तक पहुंच चुका है.

संवेदनशील स्थानों को प्राथमिकता

मैदान में तैनात अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष काम को अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है. अलग-अलग जोनों में एक साथ काम चल रहा है, जिससे अंतिम समय की हड़बड़ी से बचा जा सके. पिछले वर्षों में चिन्हित जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि पानी का बहाव सुचारू बना रहे.

 

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