अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल एक और बड़ी राहत मिली है. ईडी के केस में बीते दिनों कोर्ट ने रिहाई का आदेश दिया था. अब सीबीआई की ओर से दर्ज केस में भी राहत मिली है. कोर्ट ने जमानत की शर्त में संशोधन करते हुए कहा है, अब मिशेल की जेल से रिहाई बिना पासपोर्ट सरेंडर किए भी हो सकती है. हालांकि, (Agusta Westland case) कोर्ट ने एफआरआरओ से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि मिशेल देश छोड़कर नहीं जाएगा. कोर्ट ने ब्रिटिश हाई कमीशन से कहा है, अगर मिशेल का पासपोर्ट बन जाता है तो वो मिशेल को न देकर इस कोर्ट मे जमा कराएं.

मिशेल ने इस आधार पर जमानत मांगी है कि वो खुद पर लगे आरोपों के लिए पहले ही 7 साल की अधिकतम सजा काट चुके हैं. इस मामले में बीते दिनस्पेशल सीबीआई जज संजय जिंदल ने याचिका पर सुनवाई की थी. इसके बाद फैसला 23 दिसंबर के लिए सुरक्षित रखा था. इससे पहले 20 दिसंबर को कोर्ट ने घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मिशेल को हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया था.

Agusta Westland case – रक्षा सौदे में बिचौलिए होने के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल को दिसंबर 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था. इसके बाद सीबीआई ने उसे अरेस्ट कर चार्जशीट दायर की थी. सीबीआई ने चार्जशीट में दावा किया कि 8 फरवरी 2010 को 55.6262 मिलियन यूरो के हेलिकॉप्टरों की सप्लाई के लिए हुए सौदे से सरकारी खजाने को अनुमानित 39.821 मिलियन यूरो (लगभग 2,666 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ.

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