बोकारो: बेरमो कोयलांचल के पांच नंबर धौड़ा में जमीन धंसने की घटना ने स्थानीय निवासियों को खौफ में डाल दिया है। अचानक हुई तेज आवाज के साथ सड़क किनारे की जमीन धंस गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। महिलाएं और बच्चे घरों से बाहर निकल आए, क्योंकि जमीन के नीचे धधकती आग का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

🚚 कोयला परिवहन की जीवन रेखा पर संकट

धंसान वाली जगह के पास ही सीसीएल (CCL) की महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्टिंग सड़क है, जिससे हर दिन भारी मात्रा में कोयले का परिवहन होता है। धुआं और धंसान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह खतरा न केवल स्थानीय आबादी के लिए है, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी एक गंभीर चुनौती है।

🛠️ वैकल्पिक व्यवस्था और सुरक्षा पर मंथन

घटनास्थल पर पहुंचे ढोरी प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक रंजन सिंहा ने बताया कि तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक रास्ता तैयार किया जा रहा है और प्रभावित लोगों के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। अमलो प्रोजेक्ट के मैनेजर सुशील कुमार ने कहा कि आग बुझाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन जमीन का धंसना इस खतरे की गंभीरता को दर्शाता है।

❓ कब निकलेगा स्थायी समाधान?

यह घटना झरिया की आग जैसे पुराने घावों को फिर से हरा कर गई है। आज सबसे बड़ा सवाल यह है कि धरती के नीचे सुलगती आग का स्थायी समाधान कब निकलेगा? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के इंतजार में है, या फिर इस बार फाइलों से निकलकर ठोस कदम उठाए जाएंगे? फुसरो नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष छेदी नोनिया ने भी प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की वकालत की है।

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