पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर कभी भी चुनाव तारीखों का ऐलान हो सकता है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में आयोग की फुल बेंच अभी बंगाल के दौरे पर है और चुनाव से जुड़ी तैयारियों का जायजा ले रही है. इस बीच राज्य में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव आयोग से (BJP’s big bet on Bengal elections) मुलाकात कर चुनाव को 3 चरणों में ही कराए जाने की मांग की है.
बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज सोमवार को कोलकाता में चुनाव आयोग की फुल बेंच से मुलाकात की और यह मांग की कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 3 चरणों से ज्यादा चरणों में नहीं कराया जाना चाहिए. पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि आयोग को पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान किसी तरह की हिंसा नहीं होने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए.
BJP नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, जो मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त से मिलने वाले 3 सदस्यीय पार्टी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे, ने बताया कि पार्टी ने आयोग से विधानसभा चुनाव अधिक से अधिक 3 चरणों में कराने की अपील की है. उन्होंने कहा, “हमने एक, 2 या 3 चरणों में चुनाव की मांग की थी, लेकिन इससे ज्यादा चरणों में नहीं हो.”
BJP’s big bet on Bengal elections – पार्टी की एक मुख्य चिंता राज्य में अभी मौजूद केंद्रीय सुरक्षा बलों की करीब 400 कंपनियों की तैनाती और इस्तेमाल से जुड़ी थी. जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने इन सुरक्षा बलों को डायरेक्ट करने में राज्य पुलिस के भूमिका की भी आलोचना की और यह आरोप लगाया कि मौजूदा “कॉन्फिडेंस-बिल्डिंग उपाय” वोटरों को भरोसा जीतने में नाकाम साबित हो रहे हैं.
