रतलाम : एक बार फिर कलेक्टर मिशा सिंह को लेकर जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखने को मिली है. कलेक्टर से मिलने आलोट विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ पहुंचे विधायक चिंतामणि मालवीय को आधे घंटे तक कलेक्टर का इंतजार करना पड़ा. इसके बाद वह सीढियों पर ही नीचे बैठ गए. विधायक के सीढ़ियों पर बैठने की सूचना मिलने के बाद कलेक्टर मिशा सिंह मिलने पहुंची. कलेक्टर ने विधायक से क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जानकारी ली.

बीजेपी विधायक किसानों को लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट

आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय ने उज्जैन से जावरा तक बन रहे हैं ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के मुआवजे के संबंध में किसानों की समस्या उठाई. मीडिया से चर्चा में विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा “प्रशासनिक अधिकारियों का एटीट्यूड बहुत बढ़ गया है, इसमें सुधार की जरूरत है. बीते दिनों ही जिला पंचायत अध्यक्ष को धरने पर बैठना पड़ गया था. यह बेहद शर्मनाक स्थिति है.”

किसानों की जमीन के मुआवजे में भेदभाव

यह पहली बार नहीं है जब कलेक्टर मिशा सिंह को लेकर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त की है. एक हफ्ते पहले जिला पंचायत अध्यक्ष लाला बाई चंद्रवंशी को भी कलेक्टर से मिलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरना देना पड़ गया था. शनिवार को उज्जैन से जावरा तक बन रहे हैं ग्रीन फील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे में जावरा और आलोट विधानसभा क्षेत्र के किसानों की जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय रतलाम कलेक्ट्रेट पहुंचे. रतलाम कलेक्टर विधायक और किसानों से मिलने बाहर नहीं पहुंची.

कलेक्टर का जनप्रतिनिधियों से व्यवहार ठीक नहीं

कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिए जाने के सवाल पर बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा “धरने जैसी तो कोई बात नहीं थी लेकिन कलेक्टर को आने में देर लग रही थी तो हम लोगों के साथ सीढियों पर बैठ कर इंतजार करने लगे.” चिंतामणि मालवीय ने कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा जनप्रतिनिधियों को समय नहीं दिए जाने के मामले पर नाराजगी व्यक्त की है. विधायक मालवीय ने कहा “जिला पंचायत अध्यक्ष का पद प्रोटोकॉल में कलेक्टर से बड़ा होता है. ऐसे में जिला पंचायत अध्यक्ष को मिलने का समय नहीं देना बेहद शर्मनाक है.”

रतलाम कलेक्ट्रेट में बैरिकेडिंग करवा दी

बीते 4 माह से रतलाम कलेक्ट्रेट परिसर में किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन और रैली पर कलेक्टर द्वारा रोक लगाई गई है. कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य गेट पर से आम लोगों की एंट्री भी बंद कर दी गई है. कलेक्ट्रेट परिसर में बैरिकेडिंग की गई है. इस कारण 3 बार जनप्रतिनिधियों की नाराजगी और धरने प्रदर्शन हो चुके हैं. कलेक्टर के इस रवैये पर भाजपा विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष तीखी प्रतिक्रिया दे चुके हैं. वहीं कलेक्टर मिशा सिंह ने इस बारे में बोलने से मना कर दिया.

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