बिलासपुर: जिले में अवैध रेत खनन का कारोबार रुकने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन द्वारा कार्रवाई और प्रतिबंध के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन नदी घाटों से लगातार रेत निकासी की तस्वीरें (illegal sand mining) प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
हाल ही में प्रशासन ने छापामार कार्रवाई करते हुए कुछ ट्रैक्टर और अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त करने का दावा किया है। हालांकि, स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई महज औपचारिकता साबित हुई है और अवैध खनन का सिलसिला पहले की तरह जारी है।
जानकारी के अनुसार, दिन में कार्रवाई के बाद रात के समय रेत माफिया का नेटवर्क सक्रिय हो जाता है। अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रैक्टरों के माध्यम से नदी घाटों से बड़े पैमाने पर रेत की निकासी की जाती है।
इसे भी पढ़ें – बलौदाबाजार में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका! प्लेसमेंट कैंप में 180 से ज्यादा पदों पर सीधी भर्ती
जिले में रेत माफिया का हौसला इतना बढ़ गया है कि प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद वे बेखौफ होकर अवैध उत्खनन कर रहे हैं। यह स्थिति प्रशासनिक निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है।
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य निर्माण कार्यों के लिए रेत की आवश्यकता होती है, तब आसानी से रेत उपलब्ध नहीं होती।
illegal sand mining – ऐसे में माफिया इस स्थिति का फायदा उठाकर ऊंचे दामों पर रेत बेचते हैं। इससे आम लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है और अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलता है।
