भिवानी की शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आज मृतका के पिता संजय ने भिवानी के एसपी सुमित कुमार से मुलाकात की और कल दिल्ली में सीबीआई (CBI) टीम से (Manisha murder case) मिलने का समय निर्धारित किया। पिता का स्पष्ट कहना है कि यदि जांच में अब और देरी हुई, तो वे फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

 क्या है मनीषा मौत मामला?

ढाणी लक्ष्मण गांव की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा 11 अगस्त को लापता हुई थी और 13 अगस्त को उनका शव सिंघानी गांव की नहर किनारे मिला था। परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए लंबे समय तक आंदोलन किया। 21 अगस्त को यह केस सीबीआई को सौंपा गया था, जिसके बाद मनीषा का अंतिम संस्कार हुआ। न्याय की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन और पैदल मार्च किए गए। बीते 29 जून को जब पिता संजय अनशन पर बैठने के लिए आ रहे थे, तो पुलिस के आश्वासन पर उन्होंने अपना अनशन स्थगित किया था।

एसपी सुमित कुमार से मुलाकात के बाद पिता संजय ने जानकारी दी कि एसपी ने स्वयं उनके सामने सीबीआई अधिकारियों से फोन पर बात की, जिसके बाद टीम ने परिजनों को कल दिल्ली बुलाया है। संजय ने कहा, “कल मैं और हमारे साथ के चार-पांच लोग सीबीआई टीम से मिलकर पूछेंगे कि जांच में अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं और मामले का खुलासा कब तक किया जाएगा।”

Manisha murder case – पिता संजय ने सीबीआई को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि वे जांच पूरी करने के लिए अधिकतम 20 दिन का समय देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम न्याय के लिए महीनों या सालों का इंतजार नहीं कर सकते। यदि सीबीआई ने 20 दिन से अधिक का समय मांगा, तो हम दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे। सालों बाद मिलने वाला न्याय हमारे लिए अर्थहीन होगा।”

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