रांची (झारखंड): राज्य में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट पर बना गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) है। इस मौसमी सिस्टम से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण ऊंचाई तक विस्तृत है और इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है।

इसके साथ ही मानसून ट्रफ लाइन भी झारखंड के समीप सक्रिय बनी हुई है, जिसके चलते बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी राज्य की ओर आ रही है। नमी और अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के मेल से बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है और राज्यभर में वर्षा की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

🟠 आज 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: वज्रपात की भी आशंका

आज 31 अगस्त के लिए मौसम विभाग की चेतावनी:

  • ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: मौसम विज्ञान केंद्र ने गढ़वा, पलामू, लातेहार और चतरा जिलों में अत्यंत भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

  • दक्षिण-पश्चिमी व दक्षिण-पूर्वी हिस्से: सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है।

  • मध्यम वर्षा वाले क्षेत्र: संथाल परगना क्षेत्र को छोड़कर राज्य के शेष अधिकांश भागों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।

📅 1 सितंबर को भी राहत नहीं: रांची, खूंटी और गुमला में भारी बारिश के आसार

आगामी दिनों का मौसम पूर्वानुमान:

  • 1 सितंबर: मानसून का व्यापक असर बना रहेगा। सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के साथ-साथ राजधानी रांची, खूंटी, लोहरदगा और गुमला के आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

  • 2 सितंबर से राहत: 2 सितंबर से बारिश की तीव्रता में आंशिक कमी आने के संकेत हैं। हालांकि, मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं होगा और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा जारी रह सकती है।

  • 4-5 सितंबर की स्थिति: इसके बाद 4 और 5 सितंबर को भी राज्य के चुनिंदा इलाकों में रुक-रुक कर वर्षा की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं।

📊 झारखंड में मानसून वर्षा के आंकड़े: सामान्य से 8% कम बारिश

राज्य में वर्षा की वर्तमान स्थिति (1 जून से 30 अगस्त तक):

  • कुल वर्षा का आंकड़ा: राज्य में 1 जून से 30 अगस्त तक औसतन 729.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य औसत 792.5 मिलीमीटर है। इस प्रकार राज्य में वर्षा सामान्य से करीब 8 प्रतिशत कम है, जो मौसम विभाग के मानकों के तहत सामान्य श्रेणी में आती है।

  • सर्वाधिक बारिश वाले 2 जिले: पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 48 फीसदी और लातेहार में सामान्य से 23 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज हुई है।

  • सामान्य बारिश वाले जिले: राज्य के 10 जिलों में अब तक सामान्य वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है।

  • कम वर्षा वाले 12 जिले: राज्य के 12 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जिनमें पाकुड़, देवघर, कोडरमा, गढ़वा, गिरिडीह, चतरा, गोड्डा, हजारीबाग, बोकारो, गुमला, साहिबगंज और पलामू शामिल हैं।

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