देश के 5 राज्यों में अगले कुछ दिनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. तमाम राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में लगे हुए हैं. इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बड़ा फैसला कि वह असम (JMM vs congress) में अकेले ही चुनाव लड़ेगी. इसको लेकर 21 उम्मीदवारों की एक लिस्ट भी जारी कर दी है. कांग्रेस और JMM ने झारखंड विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था. ऐसे में असम में अकेले चुनाव लड़ने फैसले ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है.

JMM vs congress – झारखंड मुक्ति मोर्चा के फैसले पर कांग्रेस ने चिंता जताई है. JMM ने असम में 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं.

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कांग्रेस शुरुआत से ही चाहती थी कि वह और JMM मिलकर असम का चुनाव लड़ें, ताकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हराया जा सके.लेकिन, JMM ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया, जिससे कांग्रेस को डर है कि आदिवासी वोट बंट सकता है. इसका फायदा BJP को मिल सकता है.

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि उन्होंने JMM को 57 सीटें देने का ऑफर भी दिया था, लेकिन बात नहीं बन पाई. JMM अब झारखंड से बाहर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, इसलिए असम में चुनाव लड़ रही है. खास तौर पर वह आदिवासी और चाय बागान मजदूरों के बीच अपनी पकड़ बनाना चाहती है.

कांग्रेस और JMM का मकसद BJP को हराना है, लेकिन अलग-अलग चुनाव लड़ने से विपक्ष के वोट बंटने का खतरा बढ़ गया है.

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