आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान के साथ गुजरात के अमरेली में विजय विश्वास सभा आयोजित की. इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर कर हमला बोला. उन्होंने कहा कि गुजरात की जनता त्रस्त है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी कोई पार्टी नहीं, बल्कि आंदोलन, क्रांति, स्वतंत्रता और देश को तरक्की देने का नाम है. पंजाब में जनता की सरकार है और जनता के लिए काम कर रही है. अगर गुजरात में भी आप के नेतृत्व में जनता की सरकार बन गई तो पूरे राज्य का नक्शा बदल जाएगा.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 30 साल से भाजपा का गुजरात पर कब्जा है. सौराष्ट्र 48 विधानसभा सीटें हैं. 2022 में सौराष्ट्र की जनता ने 48 में से 40 सीटें भाजपा को दी. सौराष्ट्र की जनता ने भाजपा को प्यार, सम्मान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन बदले में भाजपा ने भ्रष्टाचार, धक्के, गालियां, अपमान, डंडा और जेल दिया.
मोरबी और बड़ौदा का पूल टूट गया
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोरबी और बड़ौदा का पूल टूट गया. यहां के किसानों ने बताया कि कुछ महीने पहले उनकी मुगफली की फसल खराब हो गई. गुजरात सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपए मुआवजे का एलान किया, लेकिन किसानों को नहीं मिला.
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के लोगों ने अपनी सरकार बनाई है. भगवंत मान किसान के बेटे हैं. मेरे पिता भी नेता नहीं थे. ईशुदान गढ़वी, गोपाल इटालिया, चैतर वसावा, विनोद सोहरठिया समेत आप के सभी नेताओं के घर में पहले कोई नेता नहीं था.
गुजरात की तरह पंजाब भी किसानों की धरती
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में 117 में से आम आदमी पार्टी के 96 विधायक हैं. इनमें 80 से ज्यादा पहली बार आम घरों के लड़के-लड़कियां विधायक बने हैं. वहीं, गुजरात में विधायक की पत्नी, बेटा विधायक बनता है. भाजपा और कांग्रेस में आम घरों के बच्चों को नहीं, बल्कि नेताओं के बच्चों को ही टिकट मिलता है. लेकिन आम आदमी पार्टी आम लोगों के मुद्दे उठाती है और आम लोगों की सरकार बनाती है. गुजरात की तरह पंजाब भी किसानों की धरती है. पंजाब में किसानों के लिए काम होता है. गुजरात में आधी रात में किसानों को बिजली मिलती है, लेकिन पंजाब में दिन में 8 घंटे बिजली मिलती है.
दिल्ली के लोगों के जीवन में भी आया सुधार
वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम लोगों की भलाई के लिए आम आदमी पार्टी बनी है. जब दिल्ली में आप की सरकार थी, तब वहां सरकारी स्कूल बहुत अच्छे हो गए थे. मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त दवाई और गरीबों को मुफ्त इलाज मिलता था. झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों की जिंदगी में सुधार आ गया था और लोगों को रोजगार मिल रहे थे. उसके बाद भाजपा की सरकार आ गई और सब कुछ बंद कर दिया गया. प्राइवेट स्कूल मनमर्जी कर रहे हैं.
