केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हैं. दोनों आज शुक्रवार को यहां पर मंच भी साझा करेंगे. इन 2 के अलावा कई अन्य दिग्गज हस्तियां भी होंगी. शाह और भागवत आज वीर सावरकर की कविता ‘सागर प्राण तलमलाला’ की 116वीं सालगिरह (Amit Shah and Bhagwat on one stage) मनाने के लिए खास कार्यक्रम में शामिल होंगे. साथ ही सावरकर की प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे.

सावरकर की मशहूर कविता ‘सागर प्राण तलमाला’ (मुझे मेरी मातृभूमि पर वापस ले चलो, ओ समुद्र, मेरी आत्मा तड़प रही है) के लिखे जाने के 115 साल पूरे हो गए और 116वीं सालगिरह मनाने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने यह कविता साल 1909 में लिखी थी. उन्होंने यह गीत अपनी मातृभूमि की याद में लिखा था जब वह की कुख्यात सेलुलर जेल में बंद थे.

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केंद्र शासित प्रदेश में इन हाई-प्रोफाइल दौरों को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, और कुछ इलाकों में ट्रैफिक पर पाबंदी भी लगाई गई है. इस आयोजन में केंद्रीय मंत्री आशीष शेलार के अलावा प्रख्यात संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर, फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा और इतिहासकार विक्रम संपत भी शामिल हो रहे हैं.

Amit Shah and Bhagwat on one stage – सावरकर को अंग्रेजों ने यहीं पर पोर्ट ब्लेयर की सेलुलर जेल में रखा था. वह एक स्वतंत्रता सेनानी, वकील, लेखक और राजनेता भी थे. साल 1911 में, सावरकर को मॉर्ले-मिंटो सुधारों (इंडियन काउंसिल्स एक्ट 1909) के खिलाफ बगावत करने के आरोप में अंडमान की सेलुलर जेल, जिसे तब काला पानी भी कहा जाता है, में 50 साल की सजा सुनाई गई थी. हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था.

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