जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश, भूस्खलन और खराब मौसम की वजह से पिछले छह दिनों से रुकी अमरनाथ यात्रा शनिवार को आधिकारिक रूप से बहाल कर दी गई है। मौसम में सुधार आने और उधमपुर-रामबन मार्ग पर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के खुलने के बाद अधिकारियों ने भगवती नगर बेस कैंप से श्रद्धालुओं के नए जत्थे को (Amarnath Yatra Resumed) हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
Amarnath Yatra Resumed – अधिकारियों के अनुसार 18वें जत्थे में कुल 6,269 तीर्थयात्री शामिल हैं। इनमें 1,470 महिलाएं, 25 बच्चे और 54 साधु भी शामिल हैं, जो तड़के करीब 2:40 बजे 223 वाहनों के काफिले में बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए। मौसम और ट्रैक की स्थिति को देखते हुए फिलहाल जत्थे को केवल छोटे 14 किलोमीटर वाले बालटाल मार्ग के लिए भेजा गया है। 48 किलोमीटर वाले पारंपरिक पहलगाम मार्ग के लिए अभी कोई काफिला रवाना नहीं किया गया है। जम्मू से कश्मीर जाने वाले सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षा बलों के कड़े घेरे और एस्कॉर्ट कॉन्वॉय के तहत ले जाया जा रहा है।
हाईवे खुलने और मौसम साफ होने के बाद प्रशासन ने दी हरी झंडी
19 जुलाई को जम्मू-कश्मीर और पवित्र गुफा जाने वाले दोनों मार्गों (पहलगाम और बालटाल) पर भारी बारिश के चलते यात्रा को एहतियातन रोक दिया गया था। साथ ही उधमपुर-रामबन खिंचाव में लैंडस्लाइड और पहाड़ियों से पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे तीन दिनों तक बंद रहा। शनिवार को हाईवे पर मलबा हटाकर यातायात सुचारू होते ही प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू कराने का निर्णय लिया।
