भोपाल : मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिला मंदसौर, नीचम देश भर में अफीम की खेती के लिए प्रसिद्ध हैं. लेकिन इस क्षेत्र में रहना वाला बांछड़ा समुदाय देह व्यापार की कुरीति के लिए भी विख्यात है. यहां मां-पिता, भाई ही घर की महिलाओं को देह व्यापार के दलदल में धकेलते हैं, लेकिन इस कुरीति के खिलाफ अब लड़कियां ही आवाज (girl from banchhra community) उठा रही हैं. ऐसे ही एक युवती ने इस दलदल से निकलकर बड़ी मुश्किल में भोपाल पहुंचकर अपने ही माता-पिता के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया है और स्थानीय मंत्री से पुर्नवास की गुहार लगाई है.

रतलाम और मंदसौर की सीमा पर बसे एक गांव में रहने वाली 21 साल की संजना (परिवर्तित नाम) परिवार से जैसे-तैसे बचकर भोपाल पहुंची. संजना ने बताया कि ”जब वह छोटी थी तो उसे समझ नहीं आता था कि गांवों में बाहर से अलग-अलग पुरूष यहां क्यों आते हैं. कभी वे गांव के घरों में ही कुछ समय रूकते, तो कभी लड़कियां को उनके साथ भेज दिया जाता. लड़कियां और महिलाओं के बीच होने वाली बातें शुरूआत में अजीब लगती थीं.

girl from banchhra community – मैंने घर वालों से मना किया मैं यह नहीं करूंगी, लेकिन मेरे माता-पिता ने दवाब डालना शुरू कर दिया. इसके बाद भी मना किया तो मारपीट की. एक बार मेरे मामा एक ग्राहक लेकर आए और मुझे जबरन उसके साथ भेज दिया. तब मेरी उम्र करीबन 14 साल थी. फिर यह सिलसिला आम हो गया. नए-नए ग्राहकों को खोजकर लाया जाता. मना करती तो गाली-गलौच करते, मारपीट करते. मैंने कक्षा 12 वीं पास की, लेकिन इसके बाद घर वाले पढ़ाना नहीं चाहते थे.”

 

 

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