सारंगढ़-बिलाईगढ़ : जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम छुईहा निवासी भूपेंद्र भैना के परिजनों का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दुखद घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों का दावा है कि सरकार द्वारा घोषित आर्थिक सहायता राशि उन्हें (pain of family did not last) अब तक प्राप्त नहीं हुई है। अचानक हुए इस बज्रपात से पीड़ित परिवार इस समय गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहा है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल और दीपक बैज ने फोन पर बंधाया ढांढस
दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने हेतु विभिन्न नेताओं और जन प्रतिनिधियों के उनके निवास स्थान पहुंचने का क्रम जारी है। रविवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीड़ित (pain of family did not last) परिवार से दूरभाष (फोन) पर वार्ता कर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें संबल प्रदान करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
शहीद का पार्थिव शरीर तक नहीं ला सकी सरकार
पीड़ित परिवार का दुख बांटने पूर्व संसदीय सचिव चंद्रदेव राय भी ग्राम छुईहा पहुंचे। परिजनों से मुलाकात के उपरांत चंद्रदेव राय ने कहा कि, “जम्मू-कश्मीर सरकार ने 16 लाख रुपये और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। यह अत्यंत निर्धन और असहाय आदिवासी परिवार है, किंतु इस सरकार ने इतनी भी संवेदनशीलता नहीं दिखाई कि छत्तीसगढ़ के इस बेटे के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उसके गांव ला सके। दुखी परिवार को अपने बेटे का अंतिम चेहरा तक देखना नसीब नहीं हुआ और वहीं अंतिम संस्कार कर दिया गया।”


