दिल्ली ब्लास्ट केस में PAFF कनेक्शन की जांच तेज की जा रही है. पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (poples Anti Fascist Front) यानी PAFF, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का शैडो ऑर्गनाइजेशन बताया जाता है. यह जम्मू-कश्मीर में PAFF के नाम से उसी तरह ऑपरेट करता है, जैसे लश्कर-ए-तैयबा TRF के नाम से करता है. सूत्रों के (PAFF connection in Delhi blast) मुताबिक, PAFF का प्रवक्ता तन्वीर अहमद राठरे है जो सुरक्षाबलों पर हर हमले के बाद प्रेस रिलीज़ जारी करता था. सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय से शक था कि तन्वीर अहमद राठरे उसका असली नाम नहीं है.
एजेंसियों को यह भी अंदेशा था कि प्रेस रिलीज़ जारी करने वाला व्यक्ति या तो डॉक्टर है या फिर साइकोलॉजिस्ट. बाद में जांच एजेंसियां डॉ. अदील अहमद राठरे से पूछताछ कर रही हैं. शक है कि कहीं वही तन्वीर अहमद राठरे तो नहीं है. दरअसल, डॉ. अदील के लॉकर से AK-47 राइफल बरामद हुई थी और CCTV फुटेज में वह जैश का पोस्टर लगाते हुए भी नजर आया था.अब एजेंसियां इसी एंगल से पूछताछ कर रही हैं. क्या वही PAFF का मास्टरमाइंड है?
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पाकिस्तानी आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से शैडो मानी जाने वाले पीपुल्स एंटी-फासीस्ट फ्रंट (PAFF) को जनवरी 2023 में गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था. गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना के अनुसार, PAFF 2019 में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन JeM के एक छोटे संगठन के रूप में उभरा था.
PAFF connection in Delhi blast – पीएएफएफ दूसरे संगठनों के साथ मिलकर प्रभावशाली युवाओं को भर्ती करने और बंदूकें, गोला-बारूद और विस्फोटकों को संभालने का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से कट्टरपंथी बनाने में लिप्त है.


