आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को मिली जमानत पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि जमानत को (Aman Arora on Majithia) दोष-मुक्ति के रूप में गलत तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को यह समझना चाहिए कि यह राहत पूरी तरह प्रक्रियागत है और यह मजीठिया के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को किसी भी तरह कमजोर नहीं करती।
अमन अरोड़ा ने कहा कि जमानत हिरासत की अवधि और प्रक्रियागत औपचारिकताओं के पूरा होने से संबंधित तकनीकी आधारों पर दी गई है, न कि मामले की गुणवत्ता के आधार पर। उन्होंने कहा कि मजीठिया को कोई क्लीन चिट नहीं दी गई है। बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप बरकरार हैं और अब अदालत में इनकी गहराई से जांच की जाएगी।
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सियासी चुटकी लेते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि जमानत का जश्न मनाने वाले अपने पुराने गुनाहों को छुपाने के लिए जनता को जानबूझकर गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अकाली-भाजपा का तंत्र एक झूठा बयानिया गढ़ना चाहता है, लेकिन तथ्यों को सियासी शोरगुल के नीचे दबाया नहीं जा सकता। पंजाब के लोग पहले ही देख चुके हैं कि उनके राज में नशा और भ्रष्टाचार कैसे फला-फूला था।
Aman Arora on Majithia – ‘आप’ मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विजिलेंस ब्यूरो ने एक मजबूत और व्यापक जांच पूरी की है, जिसमें मजीठिया की आमदनी के ज्ञात स्रोतों से सैकड़ों करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति का पर्दाफाश हुआ है। ठोस दस्तावेजी सबूतों के आधार पर हजारों पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पहले ही दायर की जा चुकी है।


